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Showing posts from February, 2016

क्या ऐसी चर्चाओं से कोई समस्या का हल निकल सकता है ?- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. - +9414657511.

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परम विदुषी बहन मृणाल-पांडे जी ने हाल ही एक लेख में वेदों का उदाहरण देते हुए लिखा कि हर समस्या का समाधान चर्चा करने से ही हो सकता है ! मैं भी इस वाक्य से शब्दशः सहमत हूँ , लेकिन चर्चा किस विषय पर कौन करेगा और किन नियमों के तहत तहत होनी चाहिए , ये नियम भी तो वेदों ने बताये हैं ! उनका ज़िक्र करना शायद वो भूल गयीं , या फिर किसी विशेष "विचारधारा"के प्रति अपना पक्ष दिखाने के चक्कर में उन्होंने चर्चा की शर्तों को बताना उचित नहीं समझा ! 
                          प्रश्न ये भी पैदा होता है कि क्या हर समस्या केवल चर्चा कर देने से समाप्त भी हो जाती है क्या ?जैसे J.N.U.में राष्ट्र-द्रोह के मामले में हुआ ! पक्ष-विपक्ष दोनों ने इस मुद्दे को अन्य सहयोगी मुद्दों में ऐसा उलझाया कि असल मुद्दा तो आज कहीं दिखाई नहीं पड रहा है लेकिन दुसरे कई ऐसे मुद्दे और ज्यादा उभर कर सामने आ गए , जिनसे देश और ज्यादा आहत हो गया है !कोई महिषासुर के नाम ले देने से दुखी हो गया तो कोई दुर्गा को "कालगर्ल" कहने से !और तो और तब तो हद्द ही हो गयी जब बहन मायावती ने एक जुमला बोले जाने पर उनका शीश ही मांग लिया !

हो जाएगा ये भी काम !!!!" 5TH PILLAR CORRUPTION KILLER " THE BLOG .- पीताम्बर दत्त शर्मा,

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आओ मिलकर आग लगाएं,नित नित नूतन स्वांग करें,
पौरुष की नीलामी कर दें,आरक्षण की मांग करें,
पहले से हम बंटे हुए हैं,और अधिक बंट जाएँ हम,
100 करोड़ हिन्दू है,मिलकर इक दूजे को खाएं हम,
देश मरे भूखा चाहे पर अपना पेट भराओ जी,
शर्माओ मत,भारत माँ के बाल नोचने आओ जी,
तेरा हिस्सा मेरा हिस्सा,किस्सा बहुत पुराना है,
हिस्से की रस्साकसियों में भूल नही ये जाना है,
याद करो ज़मीन के हिस्सों पर जब हम टकराते थे,
गज़नी कासिम बाबर मौका पाते ही घुस आते थे
अब हम लड़ने आये हैं आरक्षण वाली रोटी पर,
जैसे कुत्ते झगड़ रहे हों कटी गाय की बोटी पर,
हमने कलम किताब लगन को दूर बहुत ही फेंका है,
नाकारों को खीर खिलाना संविधान का ठेका है,
मैं भी पिछड़ा,मैं भी पिछड़ा,कह कर बनो भिखारी जी,
ठाकुर पंडित बनिया सब के सब कर लो तैयारी जी,
जब पटेल के कुनबों की थाली खाली हो सकती है,
कई राजपूतों के घर भी कंगाली हो सकती है,
बनिए का बेटा रिक्शे की मज़दूरी कर सकता है,
और किसी वामन का बेटा भूखा भी मर सकता है,
आओ इन्ही बहानों को लेकर,सड़कों पर टूट पड़ो,
अपनी अपनी बिरादरी का झंडा लेकर छूट पड़ो,
शर्म करो,हिन्दू बनते हो,नस्लें तुम पर थूंकेंगी,
बंटे हुए हो जाति पंथ में,ये ज्वा…

5TH Pillar Corruption Killer: "काला-धन","काले-मन","काले-उद्देश्य","काली-राजनीति"...

5TH Pillar Corruption Killer: "काला-धन","काले-मन","काले-उद्देश्य","काली-राजनीति"...: हे!भारतमाता !!                    सादर-नमन ! तू कब से परेशान है ,मुझे नहीं पता लेकिन इतना अवश्य जानता हूँ की जब से तुमने मुझे अपनी गोद मे...

"काला-धन","काले-मन","काले-उद्देश्य","काली-राजनीति","काली-पत्रकारिता "और "काला तंत्र",तो क्या होगा भारत-माता तेरा !!- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. - +9414657511

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हे!भारतमाता !!
                   सादर-नमन !
तू कब से परेशान है ,मुझे नहीं पता लेकिन इतना अवश्य जानता हूँ की जब से तुमने मुझे अपनी गोद में खेलना सिखाया-पढ़ाया और अपनी होश में लाया तभी से मैंने तुम्हें हँसते हुए नहीं देखा !कभी तेरा किसान बेटा - बेटी दुखी तो कभी कोई जवान और उसकी पत्नी के दुःख से तू दुखी हो जाती है ! तुम कभी तो देश के पत्रकारों को दुकानदारी करते दुखी हो जाती है तो कभी देश के शिक्षकों को अपने शिष्यों को कुविचार देते देख दुखी हो जाती हो !"काले तंत्र,काले-धन,काले-मन और काली -राजनीती करने वालों से भी तुम परेशान हो !
                     ये सिलसिला कब से शुरू हुआ ?? शायद देवताओ-राक्षसों के समय से ही ये सब हो रहा था !तभी आप भगवान विष्णु के पास गुहार लगाने गयीं थीं ! क्या अब वहाँ नहीं जाया जा सकता ?क्या अब भगवान विष्णु नहीं रहे या उन तक जाने का तुम रास्ता भूल चुकी हो ?या फिर हमें और तुम्हें और ज्यादा दुःख सहने पड़ेंगे तब सुनवाई होगी ? ये काले राक्षस लोग जो अब लेखक-पत्रकार,नेता,शिक्षक,समाजसेवी और ना जाने क्या क्या वेश धारण कर चुके हैं , कब तलक अपना" ताण्डव "जारी रख्खें…

अपना पंचू: 'असली' देशभक्त बनने के प्रमुख 10 तरीके

अपना पंचू: 'असली' देशभक्त बनने के प्रमुख 10 तरीके:  वा मपंथियों की विचार परंपरा के हिसाब से देशभक्ति के दस सूत्र... इन दस तरीकों को नहीं अपनाया तो आप देशभक्त नहीं बल्कि संघी माने जायेंगे।...

दीपक बाबा की बक बक: माहौल गर्म है

दीपक बाबा की बक बक: माहौल गर्म है:               देश में माहौल गर्म है. ट्विटर/फेसबुक  पर धड़ाधढ ख़बरें / विचार आ रहे है, जब तक आप सोचो नयी ट्वीट/पोस्ट आ जाती है. सारा दिन गहमा...

मोदी जी विदेशी दुश्मनो से बाद में लड़ना,केवल चौकस रहना ,पहले घरेलु गद्दारों से निपटना होगा !- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)मो.न. - + 9414657511

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भारत के माननीय प्रधानमंत्री जी ! सादर नमन ! दुर्भाग्य से या जनता की नादानी से हमारे देश में ऐसे नेता चुनाव जीत जाते हैं जो देश की दुश्मन शक्तियों के हाथों में खेलते रहते हैं ! मात्र वोटों और धन की लालसा में !ये सिलसिला थमा नहीं है ! ऐसे लोगों ने हर एक राजनितिक दल में अपना स्थान बना लिया है ! बस काम या ज्यादा का ही अंतर है ! 
                                ये हमारा सौभाग्य है कि आप इस देश के प[रधानमंत्री बन पाये ! लेकिन आपके हाथ में भी अभी स्पष्ट बहुमत नहीं आ पाया है ! विपक्षी नेता अपनी मक्कारी और ढिठाई जोर-शोर से संसद और बाहर दिखा रहे हैं !उनके छिपे हुए समर्थक भी अपने स्थान पर रहकर समर्थन करते नज़र आ रहे हैं ! इसलिए आपसे निवेदन है की आप एक योजना से एक लम्बी लड़ाई की व्यूह-रचना कीजिये और सभी सुरक्षा बलों को देश के अंदर रह रहे गद्दारो पर भी नज़र रखने का आदेश देवें !
                          आप इस मौके को अंतिम अवसर मानकर ही योजना बनाएं! आगे सत्ता आये या ना आये कौन जानता है ! इस देश की जनता कब नशे-पैसे-जाति-धर्म-इलाके और राजनितिक दलों के बहकावे में आ जाए कुछ पता नहीं है !भाजपा का संगठन भी अ…

क्या पाकिस्तान सिर्फ टैरर ही नहीं फेल स्टेट भी है ?????

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अगर हेडली सही है तो पाकिस्तानी सत्ता के लिये लश्कर भारत के खिलाफ जेहाद का सबसे मजबूत ढाल भी है और विदेश कूटनीति का सबसे धारदार हथियार भी । अगर हेडली सही है तो पाकिस्तानी सेना की ट्रेनिंग , विदेश मंत्रालय की मदद और खुफिया एजेंसी आईएसआई के बनाये रास्ते ही भारत के खिलाफ पाकिस्तानी सिस्टम है । जिसके आसरे पाकिस्तानी सत्ता एक तरफ आतंक को कानूनी जामा पहनाता है यानी भारत के खिलाफ आतंकी संगठनों को बेखौफ बनाता है तो दूसरी तरफ आंतकवाद पर नकेल कसने के लिये भारत के साथ खडे होने की दुहाई देता है ।
याद कीजिये 20 जून 2001 में जनरल मुशर्ऱफ सत्ता पलट के बाद पाकिस्तान के सीईओ से होते हुये राष्ट्रपति बनते हैं । 13 दिसंबर 2001 को भारत की संसद पर लश्कर-जैश मिलकर हमला करते है । हमले के बाद प्रधानमंत्री वाजपेयी आर पार की लडाई का एलान करते हैं । और मुशर्ऱफ एक तरफ आतंकवादियों पर कार्रवाई का जिक्र करते है । लेकिन अगर हेडली सही है तो 2002 में लश्कर मुखिया हाफिज सईद पर कोई रोक नहीं लगी । क्योंकि पीओके के मुज्जफराबाद में हाफिज सईद की तकरीर सुनकर ही हेडली लश्कर का दीवाना होता है । यानी हाफिज सईद की खुली तकरीर पाकिस…

आपकी नज़रों ने समझा , देशभक्त इन्हें !!- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. - +91-9414657511

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मित्रो!कहते हैं इंसान की आँखें इतनी समझदार होती हैं कि देखने मात्र से सामने वाले इंसान का एक्सरे कर देती हैं ! मनुष्य को एहसास करा देती हैं की जो आदमी हमारे सामने खड़ा है वो "किस" प्रकार का है ? उसके बाद में हमें उसकी बोली से और विविध तरह का ज्ञान प्राप्त होता है !तब हम अपने दिमाग में ये निश्चय कर पाते हैं की हमें सामने वाले पर कितना विश्वास करना है और कितनी उसकी आव-भगत करनी है ?आदि-आदि !!                       हमारे मुल्क में मुसलमान हमलावर आ गए तो हमने उन पर भी विश्वास कर लिया तो वो हमारे ऊपर सेंक्डों साल शासन कर गए ! जब वो हमारे धन-बल पर "ऐय्याश"बन गए तो अंग्रेजों ने हमारे देश में व्यापार करने के बहाने से कदम रख्खा तो हमने उन पर भी विश्वास कर लिया ! इसीका फायदा उठाकर उन्होंने भी सौ साल तक हमारे ऊपर राज किया !लेकिन जाते-जाते वो ऐसे लोगों को भारत की सत्ता सौंप गए जो उन्ही की तरह से "कलाकार" थे !यानी जनता को बहलाने की कला के कलाकार !                           हमने उनपर भी विश्वास किया ! तो उन्होंने भी हमारे ऊपर 57 वर्षों तलक शासन किया और हमें मुर्ख बनाया …

आइये हम इन्टरनेट के माध्यमों को और ज्यादा रचनात्मक एवं समाज हित में काम आने वाला बनायें !!निर्धन परिवारों की कन्याओं की शादी करवाने में "5thpillar corruption killler"का धन से सहयोग करें ! - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक - मो.न. - +919414657511

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मेरे प्यारे धर्मप्रेमी सज्जन मित्रो !
                                             सादर  नमस्कार !!
कुशलता के आदान-प्रदान पश्चात समाचार ये है कि आज इंटरनेट का माध्यम मानव समाज  हेतु एक विशेष स्थान तो अवश्य रखता है , कई क्षेत्रों में तो इसने उल्लेखनीय कार्य किये हैं ,जो क्रांतिकारी हैं ,लेकिन इसके साथ-साथ ये भी एक कड़वा सच है कि ये 'माध्यम"अपनी विश्वसनीयता स्थापित नहीं कर पाया ! जिसके कई कारण गिनाये जा सकते हैं !
                          आइये !! आप और हम इसके विभिन्न माध्यमों जैसे - फेसबुक,ट्विटर ,गूगल+और ब्लॉग आदि के मित्रों के सहयोग से निर्धन परिवारों कि उन कन्याओं की शादियों में सहयोग करें जो शिक्षा में विशेष स्थान प्राप्त कर चुकी हैं ,या किसी और क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर चुकी हैं ,लेकिन धन की कमी से उनकी धनाढ्य और संस्कारित परिवारो में शादियां नहीं हो पा रहीं !उनके निर्धन परिवार जातियों और सामाजिक बंधनों के कारण खुले रूप से मदद भी नहीं माँग सकते !
                       "5th पिल्लर करप्शन किल्लर "नामक ब्लॉग ने ये सोचा है कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ा जाए और आप सब …

"क्या छात्रसंघ,राजनितिक दल और सामाजिक संगठनों में देशद्रोही नहीं हो सकते"? - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो. न. - 9414657511

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माननीय अन्ना हज़ारे जी ने अपने "जन-लोकपाल"आंदोलन में कहा था कि "भारत के संविधान में राजनितिक दलों का कोई स्थान नहीं है ,"वैसे ही संविधान में "उग्र प्रदर्शनों"का भी कोई स्थान नहीं है !लेकिन 1947 के बाद कॉमरेडों-कांग्रेसियों ने आपसी रज़ामंदी से ऐसा "जुगाड़"बना लिया कि दोनों दल एक दुसरे के हितों की पूर्ती हेतु कामरेड धरने-प्रदर्शन  लगे और कोंग्रेसी उनकी जायज़-नाजायज़ मांगें मानने लगे !अपने स्वार्थों की पूर्ती हेतु हर स्तर पर छद्म संगठन भी बना लिए ! 
                    चाहे वो nsui.हो या fitta,aisa.abvp.हो या sfi. सब प्रदर्शनों में तोड़फोड़ करते हैं ! यहां तलक कि राजनितिक दल चाहे कोई भी हो अपने धरनो-प्रदर्शनों में देश की सम्पत्ति को नुक्सान पंहुचाते रहते हैं और बाद में मुकर भी जाते हैं !विदेशी पैसा भी इसमें जब लगता है, तो क्या गारंटी है कि इस प्रकार के प्रदर्शनों में विदेशी "हित"नहीं साधे जाते होंगे ?? मेरी तो देश की सुरक्षा एजेंसियों से गुज़ारिश है कि वो सभी राजनितिक दलों के धरने-प्रदर्शनों पर अपनी पैनी नज़र रख्खा ही करें ! सरकार को भी सभी राजन…