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साभार - डा ० वेद प्रकाश वैदिक

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मोर का नाच है हिंदी पत्रकारिता...

डॉ. वेदप्रताप वैदिक
वरिष्ठ स्तंभकार क्या कभी आपने मोर का नाच देखा है? मोर का नाच है, हिंदी पत्रकारिता। मोर के पंखों की तरह इसका घेरा विशाल है। देश में सबसे बड़ा पाठकवर्ग इसका ही है। कोई कोना ऐसा नहीं जहां हिंदी का अखबार न पहुंचता हो। पत्रकारिता  की कोई ऐसी विधा नहीं, जिसमें हिंदी के पत्राकारों ने अपना चमत्कार न दिखाया हो। साज-सज्जा, मुद्रण, खबर-लेखन व संपादन या समाचार संकलन - हर क्षेत्रा में हिंदी  पत्रकारिता  किसी भी भाषा की पत्रकारिता  से कम नहीं है।

मोर के पंखों की तरह हिंदी पत्रकारिता  का रेशा-रेशा लुभावना है। चुनाव के मौसम में राजनेताओं और नौकरशाहों की नजर में हिंदी पत्रकारिता  बहुत ऊंची चढ़ जाती है। कभी-कभी ऐसा लगता है कि कम से कम उत्तर भारत की भाग्य विधाता हिंदी पत्रकारिता  ही है, लेकिन यह अनुभूति क्षणिक है। वास्तव में वह मोर का नाच ही है। नाच के बाद मोर जब अपने क्षीण और मलिन पांवों की ओर निहारता है तो उसकी आंखों से आंसू ढलकने लगते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि हिंदी प्रदेशों से निकलने वाले अखबारों ने अपने क्षेत्रा में अंग्रेजी के अखबारों को  लगभग…

वाह !! मोदी जी !! क्या तीर चलाया है ? ऐसी शिक्षा व्यवस्था चलाने हेतु ऐसा ही शिक्षा मंत्री चाहिए देश को !? कितने बढ़िया तरीके से पूछा है आपने ?? वाह !!

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पाठक मित्रो !! सादर नमस्कार !! कल एक गज़ब बात हो गयी ! हुआ यूँ कि ndtvचेनेल के प्राइम टाइम कार्यक्रम में देश का शिक्षा मंत्री कैसा होना चाहिए नामक  मुद्दे पर चर्चा हो रही थी !! उसमे जो विशेषज्ञ  कल तक आरक्षण के कारण मौजूदा शिक्षा-व्यवस्था से  जिन " गधों " को " घोडा " बना देने के काम को जायज़ ठहराया करते थे,वो ही विशेषज्ञ महोदय आज शिक्षा मंत्री में शिक्षा का स्तर नाप रहे थे !! अगर श्रीमती स्मृति ईरानी किसी आरक्षित जाती से सम्बंधित होती तो प्रो ० और रवीश दोनों के वक्तव्य कुछ और ही होते !
           कांग्रेस समझदार पार्टी है उनके एक आदमी आरोप लगाते हैं तो दुसरे उसको बदल भी देते हैं और तीसरे प्रवक्ता ना लड़ने की शिक्षा भी दे देते हैं !! आज की शिक्षा व्यवस्था का स्तर कैसा है और इसको बदलने की बात अगर सीधे मोदी जी करते तो उसी तरीके से इसकी निंदा होने लगती जैसे धारा 370 को बदलने के बयान पर श्री राजिंदर सिंह की हुई है !
            अब सब विद्वान लोग साथ में तो उन लोगों का ज़िक्र कर रहे हैं जो आज तक अनपढ़ लोग मंत्री रहे हैं ,साथ साथ शिक्षा व्यवस्था को भी टोला जा सकता है !! ये मोदी …

"सच में मित्रो !मेरे पास पाकिस्तान समस्या का एक सर्वमान्य हल है " किसी को चाहिए क्या ????- पीताम्बर दत्त शर्मा ( राजनितिक - समीक्षक )

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पाठक मित्रो !! कई बार हम आम आदमियों को लगता है कि सभी समस्याओं का हल अगर हम जैसे आम आदमियों के पास है तो हमारे नेताओं के पास क्यों नहीं है ???क्या ये जानबूझकर समस्या को हल नहीं करना चाहते ?? क्या सारी समस्याओं का हल केवल " पढ़े-लिखों के पास ही होता है ??जब जर्मनी की दीवारें टूट सकती हैं तो हमारी तारें नहीं टूट सकतीं ??
           यही सोच-सोच कर मैं दुबला हुआ जा रहा था की मेरी पत्नी बोली - क्या सोच रहे हो ?? छोटू के दादा !! मैं बोला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मियॉँ नवाज़-शरीफ अपनी तशरीफ़ भारत आए हैं , आपस की दीवारें तोड़ने और दिलों को फिर से जोड़ने ! वो एक डैम से उक्जद गयी और छोटू को छोड़ मुझे पकड़ कर झिंझोड़ती हुई सी बोली - खबरदार !! अगर फिर से उसका नाम लिया तो !! उसने हमारे अटल जी को धोखा दिया था हज़ारो मेरे भाई मारे गए थे !! तुम मर्दों को तो भाई बहनो के साथ लड़ना ही होता है हम दोगली बात नहीं कर सकतीं है , सुना तुमने !!
           अगर मिल बैठना है तो कोई रोक नहीं रहा हमारी और उसकी नीयत सही होनी चाहिए ! और अगर लड़ना है तो ढंग से एक दुसरे के बाल नोच कर लड़ लो और फैसला करलो ! ये लटकने का काम तो …

"सार्क " का नेतृत्व भी हमारे मोदी जी करेंगे ! मीडिया को भी मेहनत करने की आदत डाल लेनी चाहिए !, क्योंकि " लीक - प्वाइंट " सरकार से अब नहीं मिलेंगे !!- पीताम्बर दत्त शर्मा ( राजनीतिक - समीक्षक )

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हमारे मोदी जी ने अपने पहले निर्णय से ही ना केवल भारत की जनता और विपक्ष को , बल्कि विदेशी शासकों को भी ये जता दिया है कि आने वाले N.D.A.सरकार के दिन कैसे होंगे ! ना चाहते हुए भी तारीफ़ नहीं तो समर्थन तो करना ही पड़ेगा उनको !!

       दूसरी तरफ हमारा इंग्लिश मीडिया और आधुनिक हिंदी मीडिया जो केवल मंत्रियों द्वारा किये गए लीक प्वाइंट पर ही अपनी स्टोरियां बनाते थे ! और न्यूज़ स्टोरी बनाते बनाते कई पत्रकारों की स्वयं की स्टोरी बन जाती थी !! वैसा इस सरकार में नहीं होगा !! यंहा पहला निर्देश ही यही होगा कि उतना ही बोलना है जितना कहा जाय !! और जिसको कहा जाये वो ही बोलेगा !! यानी " अनुशासन " में रहना सिखाया जायेगा !! गठबंधन वाली पार्टियों को ! 
        सार्क देशों के प्रमुखों ने भी अपने आने की रज़ामन्दी दे दी है ! यंहा की विरोध करने वाली पार्टियों को भी समझा दिया गया है कि " अंतर्राष्ट्रीय मामलों " में कोई सीधा दखल ना दे !! अगर कोई देगा तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा !!छोटी-छोटी मुलाकातों के बाद बड़ी मुलाकातें होंगी और फिर सुखद निर्णय विश्व के सामने होंगे !! जल्द ही भारत विश्…

"लागा चुनरी में दाग छिपाऊं कैसे , घर जाऊँ कैसे , बाबुल से नज़रें मिलाऊँ कैसे " ??- पीताम्बर दत्त शर्मा ( राजनितिक-समीक्षक )

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" बेदाग व्यक्तित्व " वाले सज्जन मित्रों को मेरा प्रणाम !! बड़ा ही महत्त्व होता है जीवन भर बेदाग रहने का , ऐसा शास्त्रों में लिखा है !
             बेदाग लोग थोड़े " कड़वे और अकड़ बाज़ भी हो जाते हैं ! जैसे हमारे नितीश भैया जी !! बेचारे समय की गति को नहीं भांप पाये और अपनी ही पार्टी में ज़िद कर बैठे कि मोदी जी के साथ गठबंधन नहीं होगा ! उस समय शरद यादव ने बहुत समझाया कि ये संभावित p.m.है , ऐसी ज़िद ना करिये लेकिन नितीश भैया नहीं माने !!
            अब समय अपना रंग दिखा चुका है , निर्णय जनता का हमारे सामने आ चुका है ! सभी तथाकथित " सेकुलर " दलों ने एक जुट होकर " कम्यूनल " शक्तियों का मुकाबला किया था !! साथ में परदे के पीछे रहकर इनके " अज्ञात " साथियों ने भी अपना पूरा ज़ोर लगाया था !! लेकिन पार नहीं पड़ी और सभी नेता मोदी जी के सामने छोटे खिलाडी साबित हुए !!
        कॉंग्रेस्स को भी अभी तलक सदबुद्धि नहीं आई है ! लेकिन नितीश भैया ने ज़िद पकड़ ली है कि मैं मोदी का मुकाबला मरते दम तक करूँगा !!चाहे मुझे लालू जी को साथ मिलाना पड़े , दुसरे शब्दों में कहें तो " …