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Showing posts from April, 2012

" देश का नया राष्ट्रपति - कैसा हो ? आदेश दे सके , वैसा हो " !!

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आदेश देने वाले चंद ही बचे सभी मेरे देश वासियों और मित्रों को मेरा हार्दिक नमस्कार !!               लोक - तंत्र के  सबसे महत्वपूर्ण पद , राष्ट्र पति  हेतु नए प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है । सभी पार्टियों में विचार विमर्श शुरू हो चूका है की किसको अगला राष्ट्रपति बनाया जाए ?? जैसा की सबको विदित है की लोकसभा और राज्यसभा में किसी एक पार्टी का शासन नहीं है , और न ही किसी एक गठबंधन की मर्ज़ी इस बाबत चल सकती है इसलिए गहन चिंतन और परामर्श हो रहा है सब राजनितिक दलों में !! और जिनसे नहीं पूछा जा रहा जैसे मिडिया वाले आदि - आदि वो धक्के से अपने तरीके से " सुझाव " देने पर तुले हैं जैसे की हम !!                         अब हमारा सुझाव भी आप लोग पढ़ ही लो ...., वो ये है की जितना हम पढ़े हैं राजनीती शास्त्र , तो उसमे यही लिखा है की राष्ट्रपति प्रधान - मंत्री जी को " आदेश " देते हैं , और सभी निर्णय प्रधानमंत्री जी की "सलाह "पर ही करते हैं  । देश की वास्तविक बागडोर हमारे राष्ट्रपति जी के पास ही होती है । यंहा तक की प्रधानमंत्री जी की नियुक्ति और सभी सेनाओं के बड़े…

" कांग्रेस का हाथ - जनता के मुंह पर तमाचे जैसा " ..??

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मेरे प्यारे दोस्तों , नमस्कार !! दलीप कुमार जी की एक फिल्म का गीत था , " साथी हाथ बढ़ाना ..., एक अकेला थक जायेगा मिलकर बोझ उठाना "..। उसी तर्ज़ पर कांग्रेस ने चुनावों से पहले ये नारा दिया था की " कांग्रेस का हाथ गरीब और कमज़ोर के साथ " ! लेकिन कल की एक घटना ने ये एक बार फिर साबित कर दिया की ये हाथ साथ के लिए नहीं बल्कि जनता का मुंह बंद करने हेतु है !!                                         कल कर्णाटक के तुमकुर शहर में कांग्रेस की अध्यक्षा जी का एक कार्यक्रम था , उसमे एक महिला अपनी बात कहना या रखना चाहती थी ज्ञापन के द्वारा , जब उस महिला की कोई बात नहीं सुनी गयी तो उसने प्रदर्शन किया काले झंडे का और नारे बजी की जिसको रोकने हेतु उस सभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उस महिला की नाकेवल पिटाई की और उसका मुंह भी बंद करके मारने की कोशिश की गयी  । इस काले कारनामे में एक खाकी वर्दीधारी कोई सरकारी कर्मचारी भी दिखाई दे रहा है जो उस महिला का मुंह दबा रहा है !                           इतना समय बीत जाने के बावजूद न तो कोई महिला संगठन उस महिला के पक्ष में सामने आया है और ना ही कोई टी.…

" कल हमारी (भाजपा की )," " शेम - शेम " हो गयी ! ! और हम रो पड़े !!

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शर्म महसूस करने वाले जो चंद लोग बचे हैं उन सब मित्रों को मेरा श्रध्धा से भरपूर सलाम !!                    " शर्म " वैसे तो ओरतों का गहना माना गया है लेकिन ये कभी कभी पुरषों को भी आ जाती है और जिनको नहीं आती उनको , उनके चाहने वाले प्रयास करते हैं तरह - तरह से की शर्म आजाये, फिर भी अगर शर्म नहीं आती तो वो प्रयास मित्रों और चाहने वालों की बजाय उस व्यक्ति के मोहल्ले निवासियों के पास , फिर नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों के पास , फिर पुलिस के पास और अगर फिर भी वो शख्स शर्म महसूस न करे तो न्यायालय उसे शर्म महसूस करवाता है !! उसे फिर शर्म नहीं ..बल्कि सज़ा कहा जाता है !!                                    वैसे तो जीवन में ऐसे कई मोके आये हैं की जब हमें हमारे किसी काम की वजह से शर्म आई हो, लेकिन ऐसे मोके बहुत कम आये हैं जब हमें किसी और के द्वारा किये गए काम से शर्म आई हो !!ऐसे अवसर हमारे राजनीतिज्ञों की वजह से आजकल ज्यादा आने लगे हैं , कोई भी राजनितिक दल इन गंदे कामो को करने और फिर उस से देशवासियों को शर्म दिलाने में पीछे नहीं है !!               हम बचपन में खेलने के बहाने से " स्वयं -…

" सचिन " नामक हीरा , " कोयले की खान " में खूब चमकेगा ...!!!

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हीरे को पहचानने और जान्ने वाले सभी मित्रो और सहेलियों को मेरा ....हरिओम !! ( नमस्कार ) ! स्वीकारें 
                             पिछले कुछ समय से लगभग सभी नेताओं की साख इतनी गिर चुकी थी की हर कोई किसी भी नेता की इज्जत ही नहीं करना चाहता था ! जो वास्तव में बढ़िया चरित्र के नेता थे वे बेचारे बड़े परेशान थे की क्या किया जाए जिससे हमारी इज्जत तो बची रहे ...परन्तु कुछ सूझ नहीं रहा था !! तभी उन लोगों ने कमाल कर दिया जिनके ऊपर रोज़ नए - नए इलज़ाम लगा करते थे , वो ये की उन्होंने तय किया की क्यों न किसी ऐसे आदमी को अपने साथ मिला लिया जाए जिससे लोग " सांसदों " को बे - ईमान , चोर , ठग और गद्दार न कह सकें !!
                             गहरे विचार विमर्श के बाद बहुत ही बढ़िया आइडिया ना जाने किसके दिमाग में आया की उन्होंने हमारे देश के गौरव महान खिलाडी श्री सचिन तेंदुलकर जी को महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी से सांसद मनोनीत करवा दिया !! जिसने भी ये समाचार सुना वो ख़ुशी से फूला नहीं समाया !! लेकिन जब रात हुई तो हमारे देश के इलेक्ट्रोनिक्स मिडिया ने प्राईम - टाईम में जो मुद्दे को खींचा है .......…

" म्हारे मनमोहने की तो - बाट - लाग रही से " ..!!" नो सौ चूहा खाके ,- बिल्ली - हज्ज करण ने चाली से !!

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मेरे प्यारे मित्रो , सीधा - साधा नमस्कार स्वीकार कीजिये !! क्योंकि आज मैं जिस विषय को आपके साथ सांझा करना चाहता हूँ , वो भी बिलकुल सीधा साधा है ।  वो ये की क्या हमारे प्रधान-मंत्री जी से सोनिया जी का दिल भर गया है ...???                     क्योंकि जिन चार या पांच ( होसकता है की संख्या कुछ दिनों में और बढ़ जाए ) मंत्रियों ने " अपना मंत्री पद छोड़ कर " पार्टी की सेवा करने की इच्छा जताई है वो इतने चतुर हैं की पूछो मत ! वो ये जानते हैं की अगले संसदीय चुनावों में कांग्रेस के नेत्रित्व में सर्कार नहीं बनेगी अतः ये सब बदमाश लोग मोजुदा कार्यकाल समाप्त होने से पहले उस प्रकार मैदान छोड़ कर भाग रहे हैं जैसे जहाज़ के डूबने से पहले चूहे भागते हैं ..!! ये सब काम एक सोची समझी कूट निति के चलते होरहा है !! कुछ घाघ किस्म के नेताओं का मानना है की क्यों न मनमोहन जी से स्तीफा दिलवाकर ...अपने युवराज " राहुल बाबा को प्रधानमंत्री बना दिया जाए और फिर चुनाव लड़ा जाए !! तब हो सकता है की भारत की जनता " भावुक " होकर कांग्रेस को " वोट " करदे                               पिछले कई म…

" हमें तो लूट लिया , मिलके इटली के दलालों से "..??

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लूटे - पुते सभी मित्रों को मेरा नंग - मलंगों वाला राम - राम !! जी , कृपया स्वीकार करें !!                    इस देश के चौकीदार कन्हा  मर गये ? रखवाले कन्हा खो गए ?? कर्णधार किस खड्डे में जाकर डूब गए .....??? दीमकों की तरह से चाट गए है ससुरे इस देश को विदेशी चोरों के साथ मिलकर !! मुझे एक पुराणी घटना याद आ रही है की श्री मति इंदिरा गांधी जी को एक बार अर्जुन सिंह ने धमकाने वाले लहजे में कहा की मैडम मुझे आप मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनादो नहीं तो मैं ये कर दूंगा ..वो कर्दूंगा आदि - आदि ...तब इंदिरा जी ने उनको अपने कार्यालय में बुलाकर " चूर हट लाटरी " काण्ड के कागज़ दिखाए , और बोली की चुप - चाप जाकर पार्टी का काम करो नहीं तो कंही के नहीं रहोगे !! तब अर्जुन सिंह जी कई सालों तक बोल नहीं पाए थे !! ऐसा कई बार कई लीडरों के साथ जब हो चूका था !! कई बार कांग्रेस टूट भी चुकी थी !! बाद में जब जब संजय गाँधी की मृतु के बाद वो टूट सी गयीं तो चोर टाईप के नेताओं ने अपने ग्रुप ( झुण्ड ) बनाने शुरू कर दिए और सत्तारूढ़ केंद्रीय नेत्रित्व को विभिन तरीकों से दबाना शुरू कर दिया ! जनता के सामने तो ये चो…

" भस्मासुर - कांग्रेस ने , मार डाला - हाँ मार डाला "..!!??

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" मार सहने वाले "सभी सहनशील मित्रों को मेरा सब्र भरा नमस्कार !!                              मारने वाले से बचने वाला बड़ा होता है लेकिन मार सहने वाला भी बहादुर होता है ! मार भी कई प्रकार की होती है ! कुछ मारें तो ऐसी होती हैं जो कुछ समय तक ही दर्द देती हैं और कुछ तो सारि उम्र तक याद रहती हैं !! कई तो पीढ़ियों तलक नहीं भूलतीं ...??? जैसे 1984 के देल्ली सिख दंगे , गुजरात के 2002 वाले  दंगे आदि आदि ! मैं भी एक बड़ा लेखक हूँ और सेकुलर हूँ इस लिए मैं यंहा बिलकुल नहीं लिखूंगा की ये दंगे क्यों हुए किन क्रिया - कलापों की प्रतिक्रिया थीं ये दंगे !! मैं सिर्फ ये ही कहूँगा की इन दंगों में जो " निर्दोष " मारे गए उनके कातिलों में एक नाम केंद्र सरकार के कहने पर चलने के आरोपों से घिरी सरकारी संस्था सी.बी.आई. ने लिया है अदालत में ....और वो नाम है देल्ली के हरदिल अजीज नेता श्री सज्जन कुमार जी का !!                                 इस से कुछ घंटे बाद इसी कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता श्री अभिषेक मनु सिंघवी जी का स्तीफा भी ले लिया जिनके खिलाफ न तो प्रिंट मिडिया और ना ही इलेक्ट्रोनिक मिडिया …

" चोर एक - जुट हो सकते हैं ,लेकिन इमानदार नहीं " ..??

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प्यारे व गुनिजन मित्रो ,सादर नमस्कार स्वीकार हो !                      कल टीम अन्ना की हंगामेदार मीटिंग के बाद जिस प्रकार से एक मुस्लिम सदस्य द्वारा मीटिंग की कार्यवाही बाहर अपने हितेषियों को पंहुचाने की बात सामने आई , और उस सदस्य ने फट से मुसलमानों की अनदेखी का आरोप लगा कर खुद की चोरी छुपाने की कोशिश की , वो ये दर्शाता है की देश के दुश्मन हमारे घर तक पंहुच चुके हैं और वो भी हमारे भाइयों , बहनों , पत्रकारों , नेताओं , समाजसेवियों , नायक - नायिकाओं , अफसरों , आदि आदि न जाने किन - किन चेहरों के पीछे छिपे हुए हैं या उनके ही भेष में हमारे बीच में आ बैठते हैं और हम पहचान भी नहीं पाते ...!! कोई कितना बच पायेगा और कितना चोकन्ना रह पायेगा !!                      मिडिया को भी देखिये आप , हजार बार टीम अन्ना और रामदेव अपने बयान दे चुके हैं और साड़ी बातें साफ़ कर चुके हैं की क्या योजना है और क्या घटना क्रम हुआ मीटिंग में ..! लेकिन मिडिया फिर भी वोही माला जपे जा रहा है की टीम अन्ना दो -फाड़ , आन्दोलन को गहरा धक्का आदि - आदि !! क्यों ...?? ये कैसी पत्रकारिता है ...???दोहराने की बजाये वो और तथ्य पेश क्…

बोला रे - बोला रे ,बोला रे बोला .."हमारा मनमोहन " !!

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सभी मौनी बाबा टाईप मित्रों को मेरा बोल कर नमस्कार !! कृपया स्वीकार करें जी !!                          मित्रो , कोई ज्यादा बोलता है , कोई बहुत ज्यादा बोलता है , कोई कम बोलता है तो कोई बहुत ही कम बोलते हैं यंहा तक की बोलने के पैसे भी लेते हैं । हम आज यंहा चर्चा कर रहे हैं हमारे प्रिय और इमानदार प्रधान मंत्री सरदार मनमोहन सिंह जी की जो कल बहुत दिनों के बाद बोले की " हे अफसर लोगो खुलकर प्रशासनिक निर्णय लो किसी कार्यवाही से डरने की जरूरत नहीं है ।" उनके इस ब्यान से एक दिन पहले उनके ही एक सलाहकार श्री कौशिक बासु जी ने जब ये भेद खोले की सरकार की गाडी रुक चुकी है और अब ये २०१४ से पहले नहीं चल सकती । उनका इतना कहना हुआ और देश में जैसे एक तूफ़ान आ गया हो ...की ये क्या हो गया .....फिर लगे दुसरे ब्यान आने ....कोई बोला की ये उनकी अपनी राय है तो कोई बोला की उन्ही से पूछो जिन्होंने ये सब बोला है ...आदि आदि !!                                  हमारे प्रिय प्रधान मंत्री जी , १५ अगस्त , २६ जनवरी और संसद में ही कभी कभी बोलते हैं उसके इलावा हमने तो उन्हें बोलते देखा नहीं ...क्या आपने देखा है पाठको…

" सेक्स करना " हमारा " मौलिक - अधिकार है , आखिर " दिल तो बच्चा है जी " ...???

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सभी " सेक्सी " मित्रों को मेरा , रमणीय नमस्कार !!                           एक गीत बहुत मशहूर हुआ था की , " मेरी पेंट भी सेक्सी , मेरी शर्त  भी सेक्सी , मेरे बाल भी सेक्सी , मेरी चाल भी सेक्सी है .....", और न जाने क्या - क्या सेक्सी है इस गीत में आगे गीतकार ने लिखा था ... लेकिन वो एक चीज़ लिखना भूल गया ... की हमारा नेता भी सेक्सी है ....???? कोई बड़ी बात नहीं है भूल हो जाती है इंसान से अब संसार में इतनी चीज़ें सेक्सी हैं वो भी बेचारा किस - किसको लिखता ...??? मेरी एक मित्र एक दिन मुझसे बोली की तुम्हारा चश्मा बड़ा सेक्सी है ...!! अब आप ही बताओ की ये चश्मे में सेक्स कन्हा से घुस गया ...? राम ही जाने !! राम से याद आया की देश के एक मशहूर फिल्म निर्देशक , निर्माता और अभिनेता श्री राज कपूर साहिब ने एक फिल्म बनायीं थी , जिसका नाम था " राम तेरी गंगा मैली हो गयी " !! मेरी नानी ने जिद पकड़ ली की मुझे ये धार्मिक फिल्म दिखा कर लाओ , मैंने बहुत समझाया की नानी ...ये सिर्फ एक नाम है उस लड़की का जो पहाड़ों में रहती है लेकी नानी नहीं मानी फिल्म देखने पंहुच ही गयी !! और जब फिल्…

" बधाई हो ! अब हम भी मिसाइल हमला रोक सकेंगे "!!

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सभी देश भगतों को मेरा सादर नमस्कार !                          आज मेरा मन बड़ा ही हर्षाया हुआ है क्योंकि हमारी सरकार की निति से और हमारे विद्वान वैज्ञानिकों की म्हणत से हम भारत वासियों ने पहली इंटर कांटिनेंटल ब्लास्तिक मिसाइल बना ली है , और उसका सफलता पूर्वक परिक्षण भी कर लिया है , इसका नाम " अग्नि - 5 है और ये 5000 किलोमीटर तक मार भी कर सकती है और बचाव भी कर सकती है । हमसे पहले रूस,चीन,अमेरिका और फ़्रांस को ये ताकत प्राप्त है ! रक्षामंत्रल्या के सलाहकार और डी.आर.डी.ओ.के चीफ श्री वी. के सारस्वत जी के अनुसार उनकी टीम ने कर दिखाया , जिसके लिए वो सब बधाई के पात्र हैं । हमें हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व है और हमारी सरकार भी सही निर्णय लेने के कारन बधाई की पात्र है ! इस मिशन के डायरेक्टर डा. श्री अविनाश चन्द्र ने अभी ३-४ परिक्षण और होंगे तब इसे सेना में शामिल किया जायेगा ! ये भारत ही है जी  , जिस से किसी भी देश को खतरा नहीं है , हम तो अपनी सुरक्षा हेतु ये सब कर रहे हैं । यही बात नाटो के प्रवक्ता डा. एंडर्स फ़ो रासमुसेन जी ने भी कही है !!                                     भारत ने कभी भी पहले…

" वह मोदी , कौन मोदी , वाह ! मोदी ,हाँ मोदी ,क्यों मोदी , शेर मोदी ,अकेला मोदी ",...????

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माला जपने वाले सभी मित्रों को मेरा , १०८ बार राम - राम !! कृपया स्वीकार करें जी !!                         ये देश भी अजीब है जी , यंहा कभी तो कोई देवता बन जाता है , तो कभी कोई पल में राक्षस बन जाता है । पहले वो शख्स क्या था कौन था इस से कोई सरोकार नहीं , बस एक बार किसी ने कोई मुद्दा उछाल दिया तो बस इस देश में और कुछ दिखाई ही नहीं देता किसी को जी । अपने आपको अकल्मन्द कहने - समझने वाले भी " मोहरे " बन कर रह जाते हैं ।                           पिछले ५-६ सालों से एक बाबा जी हमें बोझ मुक्त कर रहे थे तो पिछले दस सालों से गुजरात के मुख्यमंत्री जी को कई लोग भविष्य का " सत्ता - सुधारक " साबित करने पर तुले हुए है । सब अपनी अपनी माला जपे जा रहे हैं और मन्त्रों की जगह यही रटते  जा रहे हैं । अचानक वो बाबा जी तो देवता से ठग बनगए , और मोदी जी कईयों के गले नहीं उतर रहे , चाहे वो तीन बार लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री ही क्यों ना बन गए हों ?? उन्हें तो बस दंगे - दंगे - दंगे ही नज़र आते हैं ...चाहे उन्हें जाच करने वाली S.T.I. की टीम अपनी रिपोर्ट में बरी करे या अदालत बरी करे , तो भी तथाक…

" कौन है वो ? जो हमें भारतीय के बजाय , मराठी,बिहारी,पंजाबी,मद्रासी और गुजरतीआदिबोल के आपस में लडवा रहा है ?

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सभी भारतीय मित्रों को मेरा तहे दिल से नमस्कार !! कृपया स्वीकार कीजिये ..!!
             हम हैं भारतीय नागरिक , हमारी पहचान ही ये है की हमारी भाषा, वेश-भूषा,खान-पान और पहनावा भले ही अलग हो परन्तु देश हमारा एक है जिसका नाम है भारत - हिंदुस्तान और इंडिया..!! ये वो देश है जिसे दुनिया " सोने की चिड़िया " के नाम से भी जानते थे !! संसार के कई भागों से लुटेरे समय - समय पर आते रहे और हमें लूट कर व हम पर राज करके जाते रहे ..! ये इतिहास तो सारे जानते ही हैं । सभी ये भी जानते हैं की हमारा धरम चाहे कोई सा भी हो,लेकिन इस धरती को हम अपनी माता के समान मानते हैं ! 
              हमारे नेता आजसे पहले कई तरीकों से गन्दी राजनीती करते थे लेकिन भारत - माता के नाम पर सभी राजनितिक दलों के नेता एक हो जाया करते थे ! लेकिन पिछले कुछ समय से मैंने ये महसूस किया है की अब देश को बाहर के दुश्मनों से इतना खतरा नहीं है जितना देश के भीतर बैठे दुश्मनों से हो गया है ! कभी शिव सेना वाले कहते हैं की मराठी - मानुष के इलावा महाराष्ट्र में किसी को नहीं रहने देंगे तो कभी कांग्रेस की श्री मति शीला जी कहती हैं की दिल्ली म…

" मांग पूरी करो ...सजना !! .नहीं तो "...???

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" मांग " पूरी करवाने की कला जानने वाले, सभी मित्रों को मेरा नमस्कार !!
                                पहले अपनी जायज़ - नाजायज़ मांग को पूरा करवाने की कला छोटे बच्चों को , बूढों को और महिलाओं को ही आती थी !! आजकल तो जिसे देखो वो अपनी मांगो का ज्ञापन ले कर फिरता है और मांग चाहे नाजायज़ हो या जायज़ बस जिद पकड़ लेता है की बस पूरी करो हमारी ये मांग !! पहले तो भिखारी या कमज़ोर लोग ही माँगा करते थे और मांगने को बहुत बुरा समझा जाता था ! पुराने लोग तो मर जाते थे लेकीन मांगते नहीं थे । शान के खिलाफ होता था ये कार्य !! लेकिन आज जिसे देखो ....वो ही कुछ - न कुछ किसी न किसी से मांग ही रहा है !! पता नहीं क्यों .....इतना गिर गए हैं लोग ...??? शायद इसलिए क्योंकि आजकल लोग " नौकरी " करना ज्यादा पसंद करते हैं !! इसी लिए मांगने की आदत सी पद गयी है लोगों को ! कोई राशन मान रहा है तो कोई कपडा , कोई नोट मांग रहा है तो कोई वोट , कोई क़ानून मांग रहा है तो कोई आरक्षण !! जिस प्रकार हम अपनी पत्नी जी की मांग भरते - भरते थक गए हैं और थोड़े - थोड़े बूढ़े से नज़र आने लगे हैं उसी तरह से हमारी सरकार भी मां…

" उडी - बाबा , उडी बाबा - उडी -" बाबा "....??

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"बाबाओं " की बात मानने वाले "सहेलियों " व बेलियो " !! सबको मेरा प्रणाम !!                           भारत देश प्राचीन काल से ऋषियों,मुनियों और बाबाओं की मेहरबानी से चलता आ रहा है । जब भी किसी साधारण मनुष्य या किसी असाधारण व्यक्तित्व पर मुसीबत आती है ,तो वो इन सब में से किसी एक या फिर बारी - बारी से सबके पास जाता था , जाता है और जाता रहेगा ....कोई रोक नहीं सकता ..., चाहे कोई बाबा करोड़ों कमा ले , चाहे कोई बाबा किसी के साथ रजामंदी से या बहला - फुसला कर " आनंद " बाँट ले ...इत्यादि - इत्यादि !! क्योंकि ये आदमी की मनोवृत्ति से जुडी हुई बात है । ये अख़बार और चेनल वाले भी बड़े अजीब हैं पहले तो ऐसे बाबाओं के विज्ञापन प्रकाशित करते हैं और फिर उन्हें ढोंगी कहते हैं !!                                   अब यंहा किसी बाबा का नाम लेना ठीक नहीं क्योंकि कल ही एक प्रोफ़ेसर ने बंगाल की शेरनी के बारे में कुछ फेसबुक पे लिख दिया था तो बेचारे को जेल जाना पडा और कार्यकर्ताओं से मार भी खानी पड़ी ...उस बेचारे को " ममता की क्षमता " का पता चल गया ?? इस लिए हम तो इशारों - …

" क्या शिलाजीत खाकर खेल रहे हैं , ये खिलाडी I.P.L. में "..??

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" शिलाजीत " नामक पदार्थ का किसी न किसी रूप में सेवन कर चुके मेरे प्यारे मित्रो , ताकतवर नमस्कार स्वीकार करें जी !                                     खेल हो या जंग सब जगह इन्सान को " दम " की जरूरत पड़ती है किसी फ़िल्मी गीतकार जी ने तो यंहा तलक कह दिया की " जिंदगी हर कदम इक नयी जंग है " !! आजकल तो " प्यार " में भी ताकत की आवश्यकता पड़ती है इसलिए मेरे जैसे उम्रदराज़ आदमियों को ये शिलाजीत नामक पदार्थ का सेवन करना ही पड़ता है !!                                 हमारे क्रिकेट खिलाडी भी बड़े अजीब हैं कभी तो सारी टीम से पूरे दिन में जीत हेतु आवश्यक 280 रन ही नहीं बन पाते , और वो ही खिलाडी एक दिवसीय मैच में आधे दिन में ही लगभग 50 ओवर में ही 350 रन बना देते है । हैरानी तो हमें तब होती है जब वो ही "कमज़ोर " दिखने वाले खिलाडी I.P.L. में मात्र 20 ओवरों में ही इतने ही रन  हस्ते हस्ते बना देते हैं !! या तो ये उन चीयर गर्ल्ज़ का कमाल है या फिर ....कोई ऐसी दवा जो ....इस कमाल के काम करने में काम आ रही है ???? वैसे आज से पहले भी क्रिकेट खिलाडियों का भी डोप टेस…

" वाह !! क्या ......सिग्नेचर है "..???

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" सिग्नेचर " के जान कार सभी मित्रों को मेरा रसीला नमस्कार !! स्वीकार कीजिये !!                      आज के लेख का विषय बिलकुल रानीतिक नहीं है लेकिन राजनीती सहित सब क्षेत्रों से सम्बंधित अवश्य है । इसलिए इसे ले लिया की चलो आज सभी मित्रों, चाहे वो लेडीज़ हों या जेंट्स  कईयों  का प्रिय है ये " सिग्नेचर ब्रांड " ?????       जब हम बचपन से जवानी की तरफ अपने कदम बढ़ा रहे थे तब हमें पहली बार इस सिग्नेचर का चस्का पडा और हम क्या स्कूल में और क्या घर बस ........रोज़,बढ़िया दिखाई देने वाले " सिग्नेचर " लिखने में जुट जाते फिर अपने मित्रों भाई - बहनों को दिखाते की देखो इनमे से कोन  से ऐसे हस्ताक्षर हैं जिनके करने से हम देखने वाले को बड़े अफसर जान पड़ें !! कई बार और कई दिनों की म्हणत के बाद हमने इंग्लिश में पी.डी. शर्मा लिख कर ही अपने " सिग्नेचर " पास किये जो आज तलक चल रहे हैं                             अब आते हैं उस सिग्नेचर " की तरफ जो आप समझ रहे थे ....!! क्या कहा नहीं ...? चलो जाने दीजिये मैं अपनी बात ही कहता हूँ .. वो सिग्नेचर की बोतल जिसमे सोम - रस होता …

" 1947.से आज तक ,किसी को " हिन्दू " मरता नज़र क्यों नहीं आता " ...??

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मेरे सभी " जिन्दा - इंसान " मित्रों को मेरा सलाम !!                  जो पैदा हुआ है वो समय आने पर मरता भी है , प्रकृति का नियम है यह । डरपोक रोज़ मरता है और दिलेर सिर्फ एक बार मरता है । याद दोनों तरह के आदमी रहते हैं हमें और इतिहास को !सज्जन व्यक्ति अच्छे काम करके मरता है और दुर्जन बुरे ! लेकिन आजकल कुछ इस तरह के मनुष्य भी इस संसार में पाए जाते हैं जो  मनुष्यों से ही खेलते हैं , मनुष्यों से ही काम करवाते हैं , मनुष्यों का ही शोषण करते हैं , मनुष्यों को ही खा जाते हैं और मनुष्यों पर ही राज करते हैं ...!!?? ऐसे लोगों को " नेता ,ठेकेदार , सरकारी अफसर , अमीर पत्रकार ,पूंजीपति ,धार्मिक महंत ,और सामाजिक कार्यकर्ता भी कहा जाता है !! ये सब किसी ना किसी राक्षसी प्रवृति के व्यक्ति या सगठन से जुड़े होते हैं । ये सिर्फ उसी के अनुसार चलते हैं । उस मुख्य व्यक्ति के साथ - साथ इनका भी कोई न कोई हित इन पाशविक कार्यों में जुदा होता है !! ये समाज के हर क्षेत्र में पाए जाते हैं !!                                    ऐसे ही कुछ पाशविक प्रवृति के लोग पिछले तीन सो सालों से हमारे हिन्दुस्तान के पी…

" किस्तों में दोस्ती - किस्तों में दुश्मनी ", हम हैं हिन्दुस्तानी ...!!

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किस्तों में सस्ते की बजाय महंगा  सामान खरीदने - बेचने और नाटक फिल्म देखने वाले सभी मित्रों को मेरा हार्दिक डेली सोप वाला नमस्कार ............!! कृपया फुल T.R.P.सहित स्वीकार करें ....!!
                                     जब से हमारा देश अंग्रेजों और तबके भारतीय नेताओं की वजह से , दो टुकड़ों मे बंट कर आज़ाद हुआ है तभी से हम अपने छोटे भाई से न तो ढंग से दुश्मनी निभा पा रहे हैं और नाही दोस्ती !! क्योंकि हमारे तब से लेकर आज तक के नेता कभी भी एक निति पर नहीं चल सके , वो चाहे इंदिरा जी हों या मोरार जी भाई देसाई , अटल जी हों या श्री नरसिम्हा राव जी , सबके सलाहकार " दोगले " ही रहे  ....??? क्योंकि इन्ही सलाहकारों की वजह से ही हम जीती हुई बाज़ी भी हार गए ...!! चाहे वो शिमला समझोता हो या ....आतंकवाद की निति ..सब गुड- गोबर कर दिया इन बुद्धिजीवियों ने ।। नेता भी बराबर के दोषी हैं जो न तो ढंग से सख्ती दिखा पाए और न ही ढंग से प्रेम !! बंटवारे के समय और बाद में भी न जाने कितनी बार हमने पाकिस्तान को पैसा भी दिया है जिसको कभी तर्क संगत नहीं माना गया ..!! महात्मा गांधी जी के कत्ल में एक ये कारण …

" किसकी सरकार है .....भारत देश में ."..???

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सरकारी मूड के मालिक मेरे सभी मित्रों को सलाम !!
              जी हाँ कई लोग हमेशा सरकारी मूड यानि स्वभाव में ही रहते हैं , माथे पर चार सलवटें , आँखें लाल और ज्यादा खुली हुईं , भाषा उखड़ी व भद्दी तथा चाल मतवाली सी .....!! कुछ - कुछ ऐसे ही गुण होते हैं सरकारी मूड वाले लोगों के जी , जेब चाहे उनकी खाली हो या भरी उससे कोई फरक नहीं पड़ता जी , !! बस घर में भी बिना मतलब का रौब झाड़ते फिरेंगे और घर से बाहर भी !!ऐसा दिखाएँगे जैसे बस इन्ही का राज चल रहा है सब जगह !! 
                                             और कुछ लोग जिनके पास सचमुच सभी सरकारी अधिकार होते हैं लेकिन वो ऐसे चुप रहते हैं जैसे बोलने का कोई टेक्स लगता हो !!?? जैसे हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री  नरसिम्हाराव जी और उन्ही की  पार्टी के सरदार मनमोहन सिंह जी ......????? सीधे - सीधे चलते हैं , सीधे - सीधे बैठते हैं ...प्रियंका जी के बच्चे को भी हाथ जोड़ कर नमस्ते करते हैं , न किसी मंत्री को कुछ कहते हैं और न किसी अफसर को , इतना ही नहीं कौन मंत्री और कौन अफसर क्या काम कर रहा है उनको कुछ नहीं पता ....!! पता नहीं वो पी.एम्.आफिस जाकर क्या करत…