Posts

Showing posts from February, 2012

क्या मिडिया देश में शान्ति नहीं आने देना चाहता ....???

Image
प्रिय मित्रो , सीरियसली नमस्कार !! कल मैंने एन.डी.टी.वी. में देश के एक महानतम पत्रकार श्री हृदयेश जोशी जी द्वारा प्रस्तुत गुजरात पर एक कार्यक्रम देखा जसका नाम था " गुजरात , दर्द के दस साल " जैसे ही ये कार्यक्रम शुरू हुआ मुझे अखरने लगा , क्यों की जोशी जी ने गुजरात दंगों की कहानी सीधा मुसलामानों की हत्याओं से शुरू की , उस गोधरा की घटना का उन्होंने ज़िक्र तक करना जरूरी नहीं समझा ...???? मैंने सोचा शायद आगे जाकर प्रोग्राम कोई नया मोड़ ले ले , शायद कोई सकरात्मक बात कहनी हो ???? लेकिन मुझे बड़े ही अफ़सोस के साथ ये कहना पद रहा है की "क्या मिडिया देश में शान्ति नहीं आने देना चाहता ....???" मैंने उनकी वाल पर जाकर एक शिकायती पोस्ट लिखी , क्योंकि वो मेरे फेस बुक फ्रेंड भी हैं ।मैं उनका बहुत सन्मान करता हूँ , शायद इसी लिए मैं इस बात को पचा नहीं पा रहा हूँ !! पता नहीं उनकी क्या मजबूरी थी.......?????? क्या उनकी नौकरी का सवाल था ???. ये दंगे जब हो रहे थे तो इसी चेनल की बरखा दत्त ने भी केवल ऐसे फुटेज दिखाए थे जिस से ये आभास होता था की दंगों में सिर्फ और केवल सिर्फ मुसलमान ही मारे …

" फिफ्थ पिल्लर - करप्शन किल्लर , 5TH PILLAR CORROUPTION KILLER "!

Image
सभी भ्रष्टाचारी और भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले " इमानदार मित्रो , सबको इमानदारी से भरा नमस्कार !! मैं लग - भग पांच माह से इस " 5TH PILLAR CORROPTION KILLER " नामक ब्लॉग और फेस - बुक के ग्रुप में विभिन्न विषयों पर १५० लेख लिख चूका  हूँ । इस ग्रुप और ब्लॉग की स्थापना मेरी बेटी सुश्री सुकृति शर्मा ने की या करवाई , क्योंकि मैं लिखना तो कुछ - कुछ जानता था लेकिन कम्पूटर चलाना नहीं के बराबर जानता था , उसने ही मेरा ब्लॉग, ग्रुप और फेसबुक डीसाइन की । नामकरण भी उसी ने किया । हमारे टाइम में तो कोई छोटा अखबार भी हमारा लेख प्रकाशित कर देता था तो हम लोगों को बुला बुला कर ये खबर सुनाते थे । बड़े अखबार में प्रकाशित हो जाने पर तो " दीवाली " मनाई जाती थी !! ये अलग बात है की उस समय बड़े अखबार के पाठकों की संख्या भी मात्र सेंकडों में ही होती थी । अब तो हमारी लेखनी हज़ारों लोगों तलक मिनट में पंहुच जाती है और पाठकों के विचार और अनमोल टिप्पणियाँ भी तुरंत मिल जाती हैं ।। अब हमारी गिनती भी बड़े लेखकों में होने लगी है जी , बड़े बड़े विद्वान हमारे लिखे लेखों पर अपने अनमोल विचार प्रकट …

" क़त्ल कर देते हैं और मांग लेंगे हम भी माफ़ी "? ? ?

Image
सभी कातिल मित्रों को प्यार भरा नमस्कार !! आप कन्हेगे यार ये क्या बात हुई , शरीफ लोग तो कातिलों की गली से भी गुज़रते हुए डरते हैं और आप एक लेखक हो कर कातिलों को प्यार भरा नमस्कार कहते हो ??? तो सभी प्रकार के मित्रो सुनो !! " क़त्ल " सिर्फ चक्कू - छुरियों या बंदूकों से ही होता हो , ऐसा नहीं है ! खूबसूरत लोग तो " नज़रों " से ही क़त्ल कर देते हैं , है की नहीं ??? ऐसे कातिल मित्रों को तो " प्यार " भरा सलाम कहना ही पड़ता है !!तो चलो आज के विषय पर आते हैं .......पिछले दिनों सलमान खुर्शीद साहिब से एक भूल हो गयी , चुनाव - आयोग ने राष्ट्रपति जी को पात्र लिखा , महामहिम जी ने पी.एम्. साहिब को पत्र " रेफर " कर दिया , पी. एम्. साहिब के फोजी लोग बोले :- " ये कोई ऐसी गलती नहीं है जिसके लिए इतनी हाय तोबा मचे " ।। परन्तु फिर भी जब मामला सुलटत। नज़र नहीं आया क्योंकि विपक्ष और मीडिया कुछ ज्यादा ही शोर मचा रहे थे तो हमारे देश के क़ानून मंत्री जी ने " क़ानून तोड़ने की गलती करने पर, चुनाव आयोग से माफ़ी मांग ली "। अब इतनी हिम्मत तो चुनाव - आयोग में …

देश को चलाने वालीं - " साम्प्रदायिक " और " सेकुलर " शक्तियां ?

Image
भारत देश में अपना जीवन जैसे - तैसे व्यतीत करने वाले माध्यम दर्जे और स्वरण जाती का ठप्पा लगवाकर घिस - घिस कर जीने वाले दोस्तों !! " घिसा - पिटा " नमस्कार स्वीकार करें !!हम चाहे कितना भी सोच समझ कर चुनाव में अपनी पसंद का या किसी भी पार्टी के हाई - कमांड की पसंद का प्रत्याशी क्यों न चुन लें , पत्रकार और नेता  हमें कितनी ही " समझदार - जनता" क्यों न घोषित करदे ...परन्तु देखने में यही आया है की हम अपने निर्णय पर पांच साल बाद पछताए ही हैं !!दो साल बाद ही हम सोचने लग जाते हैं की ये ससुरी सरकार का " आखरी - टाइम " कब आएगा ??? परन्तु सरकार के मंत्री और बाकी सभी नेता " एक चोरी - ऊपर से सीना जोरी " वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए कहते हैं की हमें पूरे पांच साल तक राज करने हेतु " जनादेश " मिला है , इसलिए हम अपने पांच साल पूरे करके रहेंगे !! जब जनता ने किसी भी पार्टी को बहुमत देना बंद कर दिया तो हमारे चतुर नेताओं ने एक नया तरीका अपना लिया देश की सारी पार्टियों को तीन भागों में बाँट दिया । एक ग्रुप का नाम " साम्प्रदायिक शक्तियां " रख दिया , …

" बिन्नो " बनी स्टार --- " वेदांता " की !!!!

Image
सभी " स्टार " मित्रों को चमकता हुआ नमस्कार !! आज कल एक विज्ञापन देश के सभी चेनलों पर छाया हुआ है । जिस से हमारी साधारण सी वेश भूषा वाली , हंसती खेलती और दौडती भागती , पढ़ती , " बिन्नो " बन गयी है , " स्टार " - - - " वेदांता " के  एक महत्वपूरण विज्ञापन की  !!!! जब भी वो विज्ञापन किसी चेनल पर दिखाया जाता है तो मन एक " अज्ञात " सी प्रसन्नता से खिल उठता है !! ज्यादातर चेनलों पर दिखाये जाने वाले विज्ञापन जब आते हैं तो हाथ स्वतः ही चेनल बदलने लग जाता है । सिर्फ दो प्रतिशत ही विज्ञापन ऐसे होते हैं जो यादगार बन जाते हैं !! ये विज्ञापन बताता है की किस तरह से इस कम्पनी की मदद से हमारी सरकार बच्चों को " दोपहर का भोजन दे पाती है जिसे सभी पार्टियों के नेता अपना काम बताकर जनता के वोट बटोर रहे थे !! क्या इसी तरह से लड़कियों को कोई कम्पनी " साईकिलें " और " किताबें " बाँट रही हैं और सरकारें अपनी पीठ थप - थापा रही हैं ????? या फिर ये भी कोई देश को लूटने की कोई नै चाल है की चलो इस तरह से ही देश को " रिश्वत " दे रहा है ?…

" चाहे मुझे फांसी पर -.-.-.-. लटका दो "...??

Image
प्रिय मित्रो और मित्र वालियों , मित्रता रुपी प्रेम से भरा नमस्कार स्वीकार करें !! दो दिन पहले भारत के कानून मंत्री श्री नहीं जनाब सलमान खुर्शीद साहिब ने एक " जनसभा " शायद उसमे सभी मुस्लमान ही शामिल थे इसी लिए भारत के मंत्री जोश में आ गए , और बोले की " चाहे मुझे फांसी पर -.-.-.-. लटका दो "...?? तो भी मैं मुसलमानों के हक की खातिर बोलूँगा तथा एक दिन बाद वो फिर बोले की बतला हॉउस के नकली  एन्काउंटर की तस्वीरें देख कर " सोनिया " जी रो पड़ीं ????? अब वोट लेने हेतु थोडा बहुत तो उलट - सुलट बोलना पड़ता है जो फ़िल्मी डायलाग जैसा लगे क्यों ???? लेकिन ये ससुरे चुनाव आयोग वाले और बाकी कंग्रेस्सी लोग फटा - फट लगे विरोध करने .....। दो - तीन दिन रुक नहीं सकते थे ??? मैं भी माफ़ी - साफी मांग के बात रफा - दफा कर देता !! परन्तु नहीं जी तुरंत प्रतिक्रिया चाहिए इन ससुरे मिडिया वालों को तो ??? लग पड़े गीत गाने और करवा दी मेरी शिकायत !! पहले तो ये पत्रकार लोग ऐसे - ऐसे प्रशन पूछते हैं अगर जवाब दे दो तो कहते हैं की देखो जवाब दे दिया ....? और अगर नहीं बोलो तो बोलते हैं की देखो बोल…

हमारे " सेक्स - प्रिय " नेता .....? ? ? ! !

Image
सभी सेक्स प्रिय मित्रो को सेक्सी नमस्कार !! कल से टेलीविजन पर और सरे मिडिया जगत में मज़े ले - ले कर शोर मचाया जा रहा है की कर्णाटक के ३ मंत्री मजेदार फिल्म देखते न केवल पकडे गए बल्कि उनका ये कृत्य दूरदर्शन कर्नाटका पर भी दीखाई दे गया या दिखा दिया गया ?? जब भी कोई पब्लिक फिगर वाला प्राणी बेचारा अपना मनोरंजन करने का प्रयास करता है तब - तब कुछ लोगों के पेट में दर्द होना शुरू हो जाता है ...??? बड़ी - बड़ी बातें की जाती हैं , आदर्शों की दुहाई दी जाती है और न जाने क्या - क्या ??? कहा जाता है , जिसके फलस्वरूप उन बेचारों को अपने पद से त्याग - पत्र देना पड़ता है !! अभी कुछ समय पहले हमारे राजस्थान में कांग्रेस के मंत्री जी ने " भंवरी बाइ " नामक महिला की रजामंदी से " सांस्कृतिक कार्यक्रम " आयोजित कर लिया जिसका उस महिला ने फिल्मांकन भी कर लिया , उसने सोचा होगा की जब ये ससुरा मंत्री कुछ गड़बड़ करेगा , तब काम आएगा ??? और उसने इस काम की कीमत उस मंत्री से लाखों में मांगली , बेचारे मंत्री जी और एक विधायक जी इस चक्कर में बुरी तरह फंस चुके हैं और वो महिला रुपये तो छोड़ो अपनी जान और ग…

" केंद्र की तरह राज्यों में भी-कांग्रेस-की सरकार बन जाये तो क्या-क्या होगा ?सोचिये ज़रा !

Image
विज्ञापन देखने वाले महा ग्यानी मित्रो , स्टायलिश नमस्कार स्वीकार करें !! आज कल ५ राज्यों में होने वालों चुनावों में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक विज्ञापन टी.वी. के कई चेनलों पर दिखाया जा रहा है । जिसमे आखरी लाइन ये बोली जा रही है की " केंद्र की तरह राज्यों में भी-कांग्रेस-की सरकार बन जाये तो क्या-क्या होगा ?सोचिये ज़रा !!और जनता ये सोच रही है की हे परमात्मा जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट रोज़ किसी न किसी बात पर केंद्र सरकार को जिस तरह से " झाड " पिला रही है । और मनमोहन सरकार की " भद्द पिट "रही है इस से तो बढ़िया है की ऐसी सरकार कभी भी और कंही भी न बने !! लेकिन वाह रे कांग्रेसियों ! मान गए आपकी ढिठाई को ज़रा भी शिकन तलक नहीं आई किसी के भी चेहरे पर !!बल्कि ये और कहा जा रहा है बे-शर्म मंत्रियों द्वारा की कोर्ट ने जैसा कहा है हम वैसा कर देंगे ! कोर्ट ने हमारा ना लेकर तो कुछ नहीं कहा ??? किसी कांग्रेसी पर कैग कमेटी आरोप लगा दे तो ये कहते हैं की अभी तो आरोप ही लगा है , साबित तो नहीं हुआ !! साबित हो जाये तो ये कहते हैं की केस चलने दो मामला न्यायालय में है फैसला आने दो , फैसला…

" फार्मेलिटी " से भरे फेस -बुक " फ्रेंड्स " ! !

Image
मेरे प्यारे मित्रो , प्यार और स्नेह भरा नमस्कार स्वीकार करें !! आज कल एक शब्द बहुत ही प्रचलित है " फार्मेलिटी " जब भी कोई गरीब आदमी अपने अमीर मेहमान के सामने बड़े ही प्यार से चाय और मिठाई पेश करता है तो अमीर मेहमान फट बोलता है की " भाई फार्मेलिटी की क्या आवश्यकता थी ? " वो बेचारा गरीब मेज़बान मन ही मन सोचता है की ये कैसा मेहमान है इसे मेरा चाय में छिपा प्यार नज़र ही नहीं आ रहा !! ये मेरे प्यार को फार्मेलिटी बता रहा है । बचपन में मैंने एक मित्रता पर कहानी पढ़ी थी, जिसमे दो दोस्त जंगल में जा रहे होते हैं और एक भालू आ जाता है , एक मित्र जल्दी से पेड़ पर चढ़ जाता है और दूसरा नहीं चढ़ पाता,पेड़ पर चढ़ा मित्र उसकी कोई मदद भी नहीं करता । निराश हो कर वो जमीन पर अपनी सांस रोक कर लेट जाता है , जिस से भालू उसे मरा जान , छोड़ कर चला जाता है ! बाद में जब उसका मित्र पेड़ से नीचे उतरता है तो वो कहता है की तुम मेरे सच्चे मित्र नहीं हो , मित्र वोही होता है जो मुसीबत में काम आये !! तुम तो सिर्फ " फार्मेलिटी " के दोस्त हो ?? फेस - बुक ने भी लोगों का दायरा बढ़ा दिया है ! बहु…