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Showing posts from November, 2011

" मुझे ठेका दे दो .......पूरे हिन्दुस्तान का " .....! !

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सभी ठेकेदार मित्रो , अधिक बनाये हुए फर्जी बिल की तरह ज्यादा प्यार भरा नमस्कार !! दोस्तों वैसे तो मैं एक साधारण सा आदमी हूँ , लेकिन सोचता बड़ा हूँ और लिखता भी बड़ा हूँ !! मेरे एक मित्र ने एक दिन मुझसे पुछा की यार तुम्हारे घर में कभी लड़ने की आवाज़ नहीं आती , हमारे घर तो हर बात पर पत्नी से सर फुतोवल की नौबत बनी रहती है | तो मैंने उस मित्र को बताया की भाई देखो , हमने अपने अपने काम और उसका क्षेत्र बाँट रखे हैं , छोटे - मोटे कामों में मैं दखल नहीं देता और बड़े कामों और फैसलों में मेरी पत्नी नहीं बोलती | मेरे मित्र की  और जिज्ञासा जाग गयी ,वो बोला ..बताओ कौन कौन काम कैसे कैसे बांटे हैं , मैं बोला की जैसे बर्तन किसने धोने हैं , सफाई किसने करनी है और कपडे किसने धोने हैं या रोटी किसने बनानी है ,ऐसे कामों में मैं नहीं बोलता बस मैं चुप - चाप कर देता हूँ और अमेरिका की अर्थ निति कैसे चलेगी , इंग्लॅण्ड का प्रधानमंत्री कौन बनेगा और भारत की तरफ से पाकिस्तान कौन जायेगा आदि बड़े कामों में मेरी पत्नी नहीं बोलती बस मैं ही निर्णय करता हूँ ! तो साहिब ऐसी बातें करते करते मैं सो गया और एक सपना देखा रात को जो…

" नेता " - किधर - ले - कर - जा रहे हैं , देश को ......? ? ?

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प्रिय मित्रो , नमस्कार स्वीकार हो !! भारत में  लोक तंत्र है ! ये लोक तंत्र भी बड़ी कमाल की चीज़ है ! इसमें सब समझते हैं की " पावर " अपने हाथ में है ! लेकिन वास्तव में होती किसी के हाथ में नहीं ?? जैसे , जनता समझती है की हम नेताओं को अपने देश को चलाने के लिए उन्हें संसद में भेजते हैं , और वो हमारे सेवक हैं , जबकि वास्तव में ऐसा है नहीं , कभी किसी ने किसी नेता को ऐसी जगह बतियाते सुना हो जन्हा सारे उस जैसे ही बैठे हों , तब उनकी असली भाषा और मनःस्थिति का पता चलता है ???? सार्वजानिक जगह पर नेता जिसे माई - बाप कहता है , पीठ के पीछे उसे क्या बोलता है अगर मैं यंहा पर बता दूं तो सच बाहर आ जायेगा .....???नेता न्यायालय के आगे बेबस है , न्यायालय अफसरों के आगे बेबस है , अफसर जनता और नेता के आगे बेबस हैं || इनके बीच में धक्के से घुसे मीडिया ने अपनी जगह अब पक्की कर ली है ?? पहले सिर्फ अखबार छपते थे तो इसे लोक तंत्र का " चोथा " खम्भा कहा गया ? अब तो टी .वि . मिडिया , और इन्टरनेट मिडिया ,पांचवां और छठा खम्बा लोक तंत्र का बन गए है ?? न सिर्फ बन गए हैं बल्कि ये भी बड़ी भारी ग़लतफ़हमी…

"सरदार" ने मारा .." थप्पड़ " " सरदार " के " कृषि मंत्री "को , क्यों निंदनीय है ये " महान कार्य " ?

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ऐतिहासिक कार्य करने और देखने वाले मित्रो , करारा नमस्कार ! आज देश में एक और ऐतिहासिक घटना घट  गयी | आज एक सरदार ने हमारे देश के प्रधान मंत्री सरदार मनमोहन सिंह जी के कृषि मंत्री श्री मन शरद पवार जी को एक " करारा  थप्पड़ जड़ दिया है | दिखा तो वो ये रहा था की वह सर्कार की नीतियों से पीड़ित हो कर ऐसा कर रहा है लेकिन वास्तव में वो किसी के बहकावे में आकर भावुक हो गया और ये कर बैठा ?? उसी तरह थप्पड़ खाने वाले मंत्री जी अब कह रहे हैं दिखाने  के लिए की " मैंने समझा की किसी पत्रकार का झटका मुझे लगा है , ऐसे झटके तो रोज़ हम जैसे मीडिया से घिरे लोगों को लगते ही रहते हैं "??? और ये भी दिखावे के लिए ही कहा की " इसे सब इतनी गंभीरता से मत लें " | ?? प्रणब डा कह रहे हैं की " पता नहीं देश कान्हा जा रहा है "??? है  भाई वन्ही तो जा रहा है जन्हा आप जैसे नेता ले जा रहे हैं ?? अभी ४दिन पहले हमारे राहुल बाबा ने u.p. में जा कर जनता से पुछा था की भाइयो आपको " गुस्सा " क्यों नहीं आता ???? लो आ गया गुस्सा !! यशवंत सिन्हा जी ने तो कल ही भविष्य वाणी कर दी थी की " …

माया -- माया -- माया , काम -- काम -- और ... " काम ".. तो कैसे मिले " राम " ? ?

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" माया और काम "प्रेमियों राम - राम !! भक्त जनों ! जब सारी दुनिया मोह,माया,काम,क्रोध,और लोभ में फंसी हुई है तो भारत के नेता,अफसर,व्यपारी,कर्मचारी और ठेकेदार इन बन्धनों में फंसे हैं तो कोई क्यों जल - भुन रहा है ? अब सतयुग तो कोई है नहीं जो राम राज्य आ जाए ? बी.जे.पी. वाले तो ऐसे ही शोर मचा रहे हैं !आज श्री मति मृणाल पण्डे जी ने बहुत खुबसूरत लिखा है की " जब मिडिया स्वयं एक व्यपारिक संसथान बन कर रह गया है तो दुसरे से कोई ये आशा क्यों लगाये बैठा है की वो धन के पीछे नहीं भागे , सिर्फ अपना फ़र्ज़ निभाए ?? मंहगाई इतनी हो गयी है की २४ घंटों में १८ घंटे काम करना पड़ता है आदमी को खून पसीने की कमाई से अपना परिवार पालने हेतु ? बिना भ्रष्टाचार या बैमानी से अमीर नहीं बना जा सकता ? ऐसा लगभग सब का मानना है ? इसी लिए चारो और सिर्फ माया ,माया ,माया और माया को पाने हेतु काम , काम और "वो" वाला "काम" !? कभी किसी की सी.डी. और कभी किसीकी , कभी एक ही जाती मैं शादी का रोना तो कभी साधू ४ बच्चों की माता को भगा ले गया ?? रोज़ नए - नए घटना क्रम देखने और सुनने को मिल जाते हैं|ये प…

अडवानी जी की " चेतना - यात्रा " से " चेतना " .." जागी -- या --भागी "......? ?

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चेतन मित्रो , चेतनता भरा नमस्कार स्वीकार हो !! हमारे आधुनिक " सरदार पटेल ", बुज़ुर्ग होते हुए भी जवान नेता , बेदाग़ छवि वाले , और सच्चे "राष्ट्र भक्त "श्री लाल कृष्ण अडवानी जी वैसे तो अपने राजनितिक जीवन में कई बार यात्राएँ निकाल चुके हैं जिनके फलस्वरूप स्वयं और पार्टी को सत्ता सुख दिला चुके हैं | इसमें कोई शक नहीं है | परन्तु उनकी यात्रा में जगह - जगह जिस प्रकार से खाली कुर्सियों और अजीब से सुने पण का आभास हुआ है वो पहले की यात्राओं में नहीं था ?? इस से कई प्रश्न खाए हो जाते हैं जिनका जवाब ढूंढना बहुत आवश्यक है ??क्यूँ जनता और कर्यकर्ताओं ने सक्रियता नहीं दिखाई ?? कौन ऐसे व्यक्ति या संगठन हैं जो नहीं चाहते थे की ये यात्रा ऐतिहासिक बने ?? विश्व हिन्दू परिषद् जिसने अडवानी जी की पहलेवाली यात्रा से करोड़ों रूपये इकठ्ठे कर लिए जिनका हिसाब कभी नहीं दिया गया , वो इस बार की यात्रा में कंही नज़र नहीं आई ?? आर .एस .एस . के स्वयं सेवक भी खाना - पूर्ती करते नज़र आ रहे थे ?? क्या इस यात्रा को नाकामयाब बनाने में उन्होंने भूमिका निभाई जो श्री नरेंदर मोदी जी को अगला पी . एम् . बना…

" सामूहिक स्तीफा "गहलोत सरकार का भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कवायद या अपनी कुर्सी बचाने का प्रयास ?

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प्यारे मित्रो , सादर नमस्कार ! भारत के प्रान्त राजस्थान में पिछले कुछ महीनो से श्री मन अशोक गहलोत जी बड़े ही असमंजस में चल रहे थे , उनका कोई मंत्री तो " राजाओं "की तरह अपनी रातें रंगीन कर रहे थे , तो कोई गलत निर्णय ले रहे थे | कई मंत्री ऐसे थे जिन्हें राज - काज चलाना ही नहीं आता था , तो किसी की अफसर ही नहीं सुनते थे ?? हाई - कमांड तक संगठन रोज़ शिकायतें पंहुचा रहा था ? जब " पोल " खुलने लगी तो गहलोत जी ने सब बुरे कार्यों और बुरे मंत्रियों के ऊपर पर्दा डालने का एक असफल प्रयास किया की " सामूहिक स्तीफा ले लिया | और वो ही ६ मंत्री हटाए जो किसी न किसी रूप में आने वाले समय में स्तीफा देते ही देते ?? २ वर्ष से ज्यादा समय अभी पड़ा है देखते हैं अब नए मंत्री क्या गुल - खिलाते हैं ?? अभी - अभी गहलोत जी ने प्रदेश में " सिटिजन - चार्टर " कानून भी लागू किया है उस से पहले सभी अस्पतालों में मुफ्त दवाइयों का वितरण भी शुरू किया गया है जिसकी रिपोर्ट भी कोई संतोष जनक नहीं है |कोई भी योजना शुरू करने से पहले उसकी आवश्यकता कितनी है और स्टाक कितना है ये जांच लेना चाहिए , शुर…

" पारसी ,भंवरी के भंवर में फंसे राम व महिपाल ? आनंदित मीडिया और पीड़ित जनता ?? "

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दूसरों को फंसा देख हंसने वाले मित्रो , हँसता हुआ राम - राम !! भाई वाह ! पत्नी हो तो महिपाल जी की श्रीमती लीला देवी जैसी जिन्होंने मुश्किल के वक्त में अपने राजस्थान के मंत्री श्री मन माहि पाल जी का जो सपोर्ट किया है सपोर्ट ही नहीं जिस प्रकार से मीडिया के खिलाफ " युद्ध " की घोषणा की है , वो तारीफ़ के काबिल है | इन मीडिया वालों को भी दूसरों के मामलों में टांग फंसाने की कुछ ज्यादा ही आदत हो गयी थी | उन्होंने अपने समर्थकों को स्पष्ट कह दिया की ये जितना हमें नुकसान पंहुचा सकते थे इन्होने हमें पंहुचा दिया , अब इनको और इनके कैमरों को तोड़ दो !! तो भागते और गुहार लगाते नज़र आये ये आनंदित होते पत्रकार ???एक महिना हो गया भंवरी देवी को लापता हुए लेकिन इन मीडिया वालों ने तब तक मामले को देश की जनता तक नहीं लाये जब तलक इसमें मंत्री जी नहीं आये ?? पारसी देवी की हत्या हुई या वो आतम हत्या थी आज तक पता नहीं लग पाया ?? बस चलादी फिल्म , बढ़ गयी टी .आर . पी . ?? जनता ऐसे कई गुंडा टैप नेताओं से रोज़ परेशान होती है , उनके घरों पर कब्जे हो जाते हैं और रोज़ बहु - बेटियों की इज्जत दाव पर लग जाती है तब…

" भारत -- के -- भस्मासुर " ये -- " कान्ग्रेस्सी "...? ?

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भारत प्रेमी मित्रो , प्यारा सा नमस्कार !! कल हमारे अर्थ - शास्त्री प्रधान - मंत्री जी ने पता नहीं कौन सा "अर्थ " निकालते हुए पकिस्तान के खूबसूरत प्रधान - मंत्री जी को " शांतिदूत " की उपाधि से नवाज़ दिया ?? सारे देश वासी हैरान - परेशान हो गये और लगे एक दुसरे से पूछने की ये क्या बात हुई ? कौन सा ऐसा काम पाकिस्तान के प्रधान - मंत्री जी ने कर दिया , कोई तो बताओ ??सरकार के चमचे पत्रकार और नेता लगे बचाव करने ऊटपटांग ब्यान देकर !! पर जनता को ये सब हज़म नहीं हो रहा है !! सब से ज्यादा दुखी तो हमारे सेन्य अधिकारी थे ,उनका कहना था की पहले नेहरु जी ने कश्मीर का मामला बीच में रखवा दिया , फिर इंदिरा जी ने शिमला समझोते में जीता हुआ इलाका वापिस करवा दिया और अब " सरदार " जी ने दुश्मन को शांति दूत घोषित कर दिया ?? मरते तो युद्ध में भारत वासी हैं और ये नेता सब " घोल - मोल " कर देते हैं !! पता नहीं किस से डरते हैं ये राजनेता ??? लड़ाई से या अमेरिका से ?? जनता जानना चाहती है !! जनता इन नेताओं को चुन कर संसद में भेजती है , जहां इन्हें बेमिसाल अधिकार मिलते हैं जिनका उ…

जेल में......." नेता "........ " बिग - बॉस में ....." स्वामी "...? ? ?

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दुनिया  भर के व्यस्क मित्रो , "  प्यार " भरा नमस्कार !! आज  का मेरा लेख केवल वयस्कों हेतु है कृपया इसे रात्री दस बजे के बाद ही पढ़ें ! क्योंकि आजका विषय ही ऐसा है !" जेल में नेता,बिग -बॉस में स्वामी और भाड़ में जनता चली गयी है ???? और पत्रकार ख़बरें छाप,पढ़  और सुना रहे हैं !! पत्रकारों कभी कई खेमे बने हुए हैं | कभी कभी तो ऐसा लगता है की सब कुछ जैसे " कॉर्पोरेट - जगत " के वश में हो गया है|| क्या राजनितिक दल , क्या सरकारी योजनाएँ, क्या एन.जी.ओ. और क्या मीडिया सब इनके चंगुल  में फंसे हुए हैं या मौज कर रहे हैं ||  किसी को भी अपना फ़र्ज़ ,देश और धर्म याद नहीं आ रहा .....!! कोई हिम्मत करके अन्ना जी जैसा अपनी टीम बना कर इन्हें चेताने की कोशिश करता है तो राक्षसी वृति से उसे रोक दिया जाता है !! यही प्रकिरिया हर छोटे - बड़े स्तर पर होती देखी जा सकती है !! शायद यही परमात्मा की भी मर्ज़ी है क्योंकि अगर ये सब नहीं होगा तो प्रलय कैसे और कब आएगी ....???? नेता जी जेलों में क्यों हैं ये तो शायद अब किसी से भी छुपा हुआ नहीं रह गया है !! और न ही मीडिया पक्षपाती क्यों है ,ये किसी…

" खेल में जेल " .... ये है खेल क्रिकेट का..? " इंसाफ जिंदा है !

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क्रिकेट प्रेमी मित्रो , नमस्कार स्वीकार करें !! कल क्रिकेट के तीन खिलाडियों को आखिर कार जेल हो ही गयी ! ये देखना जरूरी नहीं है कि किस देश के खिलाडी हैं बल्कि देखने वाली बात ये है कि भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है ...? आई.सी.सी. हो या बी.सी.सी. या पी.सी.सी. या कोई और सब ने पिछले २० सालों से लूट सी मचा रखी है ...? क्या खिलाडी ,क्या कोच  ,क्या सलेक्टर सब हमाम में नंगे थे लेकिन सबूत नहीं थे || पहली बार सबूत मिले ,चोर पकडे भी गए और सज़ा भी हुई ??? परमात्मा भी कभी - कभी मनवा देता है कि मैं हूँ ?? हजारों करोड़ रूपये का " सट्टा " हर बाल पर लगता है जिसका हिस्सा पुलिस,नेता,और प्रबंधकों तक जाता है ?? कोई भी बोर्ड अपने देश के प्रति जवाबदेह नहीं है और सहूलियतें सारी लेते हैं ?? भारत के खेल मंत्री इन्ही बातों  को  लेकर एक " बिल " संसद के शीतकालीन सत्र में पास कराना चाहते थे , लेकिन उन्हें डांट कर बिठा दिया गया ...??? अब जब पी.एम्. में हिम्मत नहीं बोलने कि तो भला खेल मंत्री की क्या औकात की वो "चूँ" भी कर जाय.....??? ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि मैच - फिक्सिंग सिर्फ पाकिस्…

" पार्टियों " के - " वर्कर.".... या -- " बंधुआ -- मजदूर "......???

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राजनितिक दलों हेतु, जिंदाबाद - मुर्दाबाद करने वाले प्रिय मित्रो , प्रदर्शनी नमस्कार !! आज समाचार आया कि  राजस्थान प्रदेश कोंग्रेस अध्यक्ष श्री चंद्रभान जी के समक्ष पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपना " दुखड़ा " सुनाया कि किस तरीके से कार्यकर्त्ता " अपनी " जान - पहचान ,मेहनत और  लगन "से नेताओं को चुनाव जिताकर  विधान- सभा व लोक - सभा में भेजता है ??  वो  ये नहीं देखता कि प्रत्याशी किस धर्म,जाती और इलाके का है ?? कार्यकर्त्ता ये भी नहीं देखता कि पार्टी ने इस प्रत्याशी को टिकट उसके गुंणों को देखते हुए दी है या प्रत्याशी ने पार्टी से " मोल " खरीदी है ????  "निष्ठा" से बंधा कार्यकर्त्ता यो  अपना फ़र्ज़ निभाता है और उसे जिताने का प्रयास करता है || लेकिन सत्ता में आने के बाद "  मेहनती और निष्ठावान " कार्यकर्त्ता  जब जनहित कार्यों की बात भी करते हैं तो न सत्ता और न  ही संगठन उनकी बातों पर ध्यान देते हैं  ||  कार्यकर्ताओं की राजनितिक नियुक्तियों में भी " देर - अंधेर " दोनों जानबूझ कर की जाती है || " चमचे,चाटुकार, ठग , चोर और वाक्चातु…

" प्यार "....... अन्ना और कांग्रेस.......... का ..... ? ?

प्यार करने वाले सभी प्यारे मित्रो , प्यार भरा नमस्कार !! मधुर गीत  गाने वाले आशा ताई और  रफ़ी साहिब का एक गीत था " करले प्यार करले झूठा ही सही , और दिन है यही "....!! टीम अन्ना के कार्यकर्त्ता और कांग्रेस के प्रवक्ता भी आज -कल बिलकुल ऐसे ही लड़ रहे हैं ? जो " रंग - मंच " पर दिखाई दे रहा है पिछले ४ महीनो से ऐसा लगता है की इसके इलावा भी देश मैं कुछ घट रहा है , जिसे आम जनता से छिपाया जा रहा है ?? अनर्गल बातों को तूल दिया जा  रहा है ,और महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया  जा रहा है ....क्यों ??? नए - नए चेहरे ,चेनलों पर रोज़ आकर ऐसी - ऐसी बातें कर जाते हैं , कि दर्शक हैरान परेशान हो जाता है की देखो न जाने कौन ये नाहक ही बात का बतंगड़ बना रहा  है और बाकी सब भी उसकी बातों को महत्त्व दिए जा रहे हैं ! कांग्रेस दरअसल  "जन - लोकपाल " नामक बिल पास नहीं करना चाहती वो ऐसा बिल पास करना चाहती है अन्ना टीम की कोई लाइन ही न हो ?? ये बात टीम  अन्ना  भी जानती  है और मिडिया भी , इसी  लिए कल फिर अन्ना जी ने पी.एम्. जी को  पत्र  लिखा है की अगर शीत-कालीन सत्र समाप्त होन…