Posts

Showing posts from July, 2011

" stifa" kis - kis - ka - loge , par hoga kya ???

Image
स्तीफा चाहने वाले दोस्तों - नमस्कार ! आज कल स्तीफा मांगने वाले लोगों का पेट ही नहीं भर रहा  जी |" चव्हान , कलमाड़ी , राजा आदि आदि आज से पहले न जाने कितने लोग , मीडिया के द्वारा नेतिकता और जनता  का डर दिखाए जाने से डर कर अपना अनमोल पद त्याग चुके हैं | जो बड़े ही प्रयासों से जीवन में एक - दो बार ही मिल पाता है , पद मिलते ही लोग जलने लग जाते हैं | पेट में बल पड़ जाते हैं दोस्तों - रिश्ते दारों के भी , मीडिया को तो और कोई काम है ही नहीं , जंहा हमने दस बीस करोड़ कमाए , बस इनके कान खड़े हो जाते हैं |हमारी मजबूरी तो कोई देखता ही नहीं |कितने साल बाद , पैसों और टाइम  की बर्बादी से एम्.एल.ऐ. के दावेदार  पार्टी में बन पाते हैं | हाई - कमांड की मेहरबानी और पार्टी को भारी चंदा देकर हम टिकट ले पाते हैं | २५ दिनों तक चुनाव क्षेत्र में गधों की तरह घुमते हैं |छोटे से लेकर बड़ों तक की जी हजूरी करते हैं |करोड़ों रूपये खर्च करते हैं ,दारु , पेट्रोल , झंडे , बैंनर और न जाने कैसे - कैसे  खर्चे करने पड़ते हैं | तब तो मीडिया - और जनता बोलती ही नहीं , उल्टा मिडिया तो तब भी हमें ही दोषी ठहराता है, और जनता…

" BHARAT -- RATAN "------ " HAQDAAR - KOUN - KOUN " ? ? ? ? ? ? ? ?

Image
भारत के रत्नों , कीमती प्यार कबूल हो !! जब से ये नया समाचार आया है की अपनी सरकार अब खिलाडियों को भी " भारत - रतन " का पुरूस्कार देगी , तो खिलाडियों में भूचाल आ गया कि " शुरुआत " कंहा से होगी ,गुज़रे खिलाडियों के बच्चों ने अपने बुजुर्गों और महान खिलाडियों के नाम का प्रस्ताव रखा जो उचित भी है | और जो रिटायर जीवन व्यतीत कर रहे हैं ,उन्होंने ने भी अपने नाम कि लोबिंग शुरू करवादी | मौजूदा खिलाडियों में से सबसे ज्यादा नाम " सचिन " का ही आ रहा है , बल्कि ये कहा जाए तो ज्यादा उचित होगा कि सचिन के लिए ही सरकार ने ऐसा करना सोचा है |वैसे तो ये भी विचार सामने आया था कि नए खिलाडी तो ज्यादा धन पाकर  , और अन्य सन्मान पाकर  सन्मानित हो चुके हैं | सिर्फ गुज़रे हुए लोगों को ही ये सन्मान मिलना चाहिए | ताकि सिफारिशों का झन्झट ही ख़तम हो जाए | नए खिलाडी तो पेप्सी भी बेचते हैं , तो क्या पेप्सी बेचने वाला भारत रतन हो सकता है , ये भी सोचने वाली बात है जी | मेरे  पास बैठा मेरा कर्मचारी बोला साहिब खिलाडी ही क्यों सब काम करने वालों को " भारत - रतन " मिलना चाहिए जब बड़े व्य…

" AMAR SINGH " ------------- " BOL - BABY - BOL-------!!!!!!

Image
दलाल मानसिकता वाले दोस्तों  ! , कमीशन भरा नमस्ते !जी हाँ दोस्तों,ये एक प्रकार की मनसिकता ही होती है कि कोई व्यक्ति सेवा करते - करते अपना मेहनताना लेने लग जाता है या फिर कोई चतुर व्यक्ति अपना हित साधने हेतु उस सेवा भावी को मेहनताना देना शुरू कर देता है , तो उस कमाई से जलने वाले लोग उस " मेहनताने " को दलाली और लेने वाले को दलाल कहने लग जाते हैं . पहले जब श्री - श्री १०८ श्री नरसिम्हा राव जी की सरकार अल्पमत में थी ,तब भी दलाल टाइप के लोगों ने बचाया था , और जब अपने " सरदार शरिफां दा" मन मोहन सिंह दी सरकार खतरे में आ गयी तो भी इन्ही सेवा भावी ,"दलाल टाइप " के अपने "अमर सिंह " ने अपनी फोज से बचाया | पता चल गया , शोर मच गया , लेकिन अपने अमर जी का कुछ नहीं बिगड़ा , क्योंकि वो उस समय समाजवादी पार्टी के सर्वे सर्वा थे ,और सरकार उस पार्टी के समर्थन पर टिकी थी और टिकी है , लेकिन आज अपने अमर जी महा सचिव नहीं हैं | तो हो गया " इशारा " और पुलिस जी ने बुला लिया ,परन्तु वह हमारे समाजसेवी " अमर सिंह " जी ,इसे कहते हैं " मालिक भक्ति "…

' V Y A A P A A R I ---------------- SARKAAR -------- ! ! ! HAIRAANI KIS BAAT KI ????

Image
हैरान भारत वासियों , नमस्कार ! , देश का हर नागरिक व्यापारी बन गया है , हर कार्य व्यापारिक दृष्टि से देखा जाने लगा है ,तो अगर सरकारें व्यापार करने लग गयीं हैं तो इसमें  इतने  अचरज की क्या बात है | जब हमारी सरकारें " आयात - निर्यात " कर सकती हैं तो देश वासियों से सस्ती जमीन लेकर मंहगी बेच कर व्यापार क्यों नहीं कर सकतीं ?? ऐतराज़ की बात तो ये है की अफसरों ने बिल्डरों से ज्यादा धन ले लिया और सरकार के खाते मैं कम पैसा डाला , ये गद्दारी है | ऐसे लोगों को " चाइना " की तरह शरेआम " फांसी " दे देनी चाहिए |जंहा तक बात किसानो की है तो किसी को बन्दूक दिखाकर या धमका कर  जमीन कम दामों पर ली गयी है तो निस्संदेह रूप से उन्हें उनकी जमीन वापिस मिलनी ही चाहिए | लेकिन जंहा निर्माण हो चुका है वंहा का भाव दोबारा तय हो जाए  तो कोई बुरी बात नहीं है |पहले भी किसानो को उस समय के मुताबिक कोई ज्यादा कम पैसे नहीं मिले , किसान चाहे किसी प्रदेश कही क्यों न हो ,गरीब हो या अमीर , जानता सब कुछ है | अगर जंहा निर्माण नहीं हुआ वंहा के किसानो को जमीन वापिस देना शुरू करदे , दिए हुए पैसे वापिस ल…

" DARPOK , GULAAM , OR KAMZOR DESH-----" INDIA ".....???????"

JHUTHE , DOSTO! JHOOTHA NAMASKAAR ! BACHPAN MAIN ADHYAPAK HAMEN BAAR - BAAR KAHTE THE KI " JHOOTH BOL KAR "KISKO " DHOKHA DE RAHE HO " TAB YE BAAT SAMAJH NAHI AATI THI .AAJ JAB HAM THODA SAMAJHDAAR HO GAYE HAIN TO SAMAJH MAIN AAYA HAI KI HAM KANHA - KANHA , KAB - KAB , KIS - KIS KO OR KYON - KYON JHOOTH BOL KAR CHODE HUE JA RAHE HAIN . JIS VYAKTI KI JTNI "OUKAAT " HOTI HAI WO US SE THODA KAM HI JHOOT BOL SAKTA HAI , JYADA BOLEGA TO PAKDA JAYEGA .AB INTERNET KE PATHKON SE CHOTE AADMIYON DWARA BOLE GAYE JHOOTHON KA KYA JIKAR KAREN . " BADE " AADMIYON KE " BADE"  JHOOTON KI HI CHARCHA " LIKHNE OR PADHNE" KA " MAZA " AAYEGA KYON ? PT. JWHAR LAL JI NE 1947 MAIN KANHI NA KNHI JHOOTH BOLA - TABHI TO VE PM. BANE OR PAKISTAAN ,KASHMIR KI SMASYAAON NE JANAM LIYA JISE HAM AAJ TAK BHUGAT RAHE HAIN . SHASTRI JI BECHARE JYADA DER JIVIT HI NAHI RAH PAAE SHAYAD ISI LIYEKI UNHONE JHOOTH NAHI BOLA , PAHLE LOG SIDHANTWADI HOTE THE. MA…

" PATRKARITA - ---- KAISI - KAISI --------?????????

Image
DOSTO ! NAMASKAAR !  AAJ PATRKARITA KE BARE MAIN HI BAAT KAR LETE HAIN .WO BHI JAMANA THA , JAB HAATH SE SAMACHAR LIKHE JATE THE OR SWAYAM AKHBAAR KA MALIK AKHBAAR GHAR - GHAR BAANT KAR AATA THA.FIR TRAKKI HUI , TO MASHEEN AA GAYI , SAMPADAK,SAMVADDATA,OR NA JANE KYA - KYA POSTAIN BAN GAYI. FOTOGRAFAR BHI JUD GAYE.SAMACHAR PATR RANGEEN HO GAYA , SUNDER HO GAYA.ISKE BAAD KAI TARAH KE AKHBAAR HO GAYE , JAISE- VYAPARIK , FILMI , DHARMIK , JATI VISHESH KE AADI AADI .JAB ITNE PARKAAR HO GAYE OR KARAMCHAARI HO GAYE TO RUPYON KI ZAROORAT PADI , TO VIGYAPAN SHURU HUE.USMAIN BHI SARKAARI , CHUNAAVI, DHARMIK OR VYPARIK AADI - AADI.TO DOSTO JAB SAMACHARON MAIN BHI VYPAAR AA GAYA , AKHBAARON KE PRKAAR MAIN BHI VYPAAR AA GAYA ORVIGYAPNO MAIN BHI VYPAAR AA GAYA TO YE PAVITR - KAARYA BHI " VYPAAR" BAN GAYA .WO EK GEET KEE LINE HAI NA KI  " KAJAL KI KOTHRI MAIN KAISA BHI JATAN KARO KAJAL KA DAAG BHAI LAAGE HI LAAGE " TO PATRKAAR BHAAI BHI IS DAAG SE BACH NAHI SAKE.ABHI KAL HI MASH…

" H A I - R E - D E S H - KI - K I S M A T "

Image
BURI KISMAT WALE DOSTO , NAMASKAAR , OR BHALA HO AAP KA . JAB DESH KI KUNDLI MAIN GRAH BURE CHAL RAHE HO TO DESHWASIYON KE BHALE GRAH KAISE HO SAKTE HAIN." RAPE,MANHGAAYI,BHRASHTACHAAR,KE BAAD 2 - 2 RAIL DURGHATNAAIN HO GAYIN , OR MAJBOOR PRDHAN MANTRI MANTRI MANDAL KA VIS TAAR KAR RAHE HAIN YA KARWAYA JA RAHA HAI .WAKAT ITNA BURA HAI KI JANTA KO BHI KOI AASHA NAHI HAI . JANTA MAAN KE CHAL RAHI HAI KI BAS " MARNA HAI " . CHANELON KE AKHBAARON KE OR MARE JAISE , BUDHIJIVI BHI NIRASH HO GAYE HAIN .SWAL UTHAAI JA RAHE HAIN ,LAKIN JWAB NAHI MIL RAHA.ISSE BURA SMAYA DESH KE LIYE KYA HO SAKTA HAI ?KOUN HATEGA KOU AAYEGA ISSE KOI FARAK NAHI PADTA HAI SAB SUSRE "EK HI THALI KE CHATTE - BATTE HAIN",LAKIN AAJ EK NAI WARDAAT HUI HAI , PAHLE TO IS DESH MAIN ,MAHAMAHIM RASHTRPATI APNA PRDHAN MANTRI OR MANTRI BANATE THE , AAJ PRDHAAN MANTRI KARYALYA NE SAMVIDHAN KI PARAMPRA KO TODA GAYA HAI .SHAYAD S.C. YANHAAN SANGYAAN LE.? KYONKI WO HI LOK TANTR KA EK STAMBH HAI JO AAJ BH…

"BABU - JI - TUM - KYA - KYA - KHRIDOGE - - - - -??????????????

Image
BHARAT KE "KHRIDARO" OR "BIKAAU MAAL" SAB KO MERA FREE MAIN NAMASKAR !DOSTO , JAB SE YE CRUNCY(PAISA) KA CHALAN HUA HAI ,TAB SE DHEERE - DHEERE SAB KUCH BIKAAU HOTA JA RAHA HAI .WASTUON KE ILAWA , TAN MAN BHI BIKAAU HO CHALA HAI .BAS JHAGDA SIRF KIMAT KA HOTA HAI.DELHI KE KROL BAHG MAIN " HANGER " BECHNE WALA SHRI - SHRI RAMESH SHARMA ITNA BADA KHRIDDAR HO GAYA KI NA JANE KITNE M.L.A. OR M.P. KHARID LIYE.DOCTRON KI AATMA,PATRKARON KI WANI, LEKHNI,KISAN KI JAMIN JO MATA KE BROBAR HOTI THI AAJ SAB BIKAAU HAI . PUCH LO CHAHE RAHUL GANDHI SE . BAS KIMAT BADHIYA HONI CHAHIYE.PAHLE ACHCHAAI KE LIYE TARK DIYE JATE THE KI JAISE MAHARAJA HARISH CHANDRA NE SATY KE LIYE SAB KUCH TYAG DIYA THA , LAKIN AAJ BURAAIYON KE PAKSH MAIN TARK DIYE JATE HAIN KI AGAR WO APNA SAB KUCH BECH RAHA HAI TO MAIN KYON NA BECHUN YA BIKUN ?AAJ PAISA DO TO TV.CHANEL WALON SE JO CHAHE DIKHWALO YA KAHALWALO ?JYADATAR TAIYAAR HAIN.SIDHANTON PAR CHALNE WALE AADMI KO BEWAKOOF SABIT KAR DIYA JA…

ACHCHA , BURA, KALA , SAFED , DHARMIK OR GADDARI KA - -" DHAN" "

Image
धनवान दोस्तों को नमस्कार !आजकल जहाँ देखो वन्ही धन की बातें हो रही हैं | कोई विदेशों में पड़े काले धन की बात करता है तो कोई रिश्वत के बुरे धन की ,कोई मंदिरों में पड़े अच्छे धन की बात करता है तो कोई जासूसी से मिले गद्दारी के धन की |हर तरफ धन यानि पैसे की बात हो रही है |यहाँ तक की हीरे मोतियों की बात भी हो रही है | ऐसा लग रहा है कि जैसे देश में कोई " गरीब " है ही नहीं  | बस हर तरफ पैसा ही पैसा है | मैं भी यह मानता हूँ कि देश में हमेशां से धन कि कोई कमी कभी भी नहीं रही | लेकिन कब कितना  धन किसके यंहां पड़ा है उससे फरक पड़ता है |दुश्मन देश असली धन हमारे देश से बाहर चोरी से भिजवा देवें और नकली नोट चाप कर हमारे देश में चला दें तो हमारा देश आर्थिक रूप से कमज़ोर हो जायेगा , बल्कि हो गया है | देश में बैठे गद्दार भारत माता को नोच - नोच कर खा रहे हैं | " नेता - अफसर -माफिया "का " त्रिफला " चूरन सा बन गया है |हजारों के लाखों , लाखों से करोड़ दिनों में बन रहे हैं |कर्मचारियों की पगार भी हजारों से लाखों में हो गयी है | खाने - पीने और सब्जियां दालें ५०\- से १००\- रूपये क…

" CHATUR - NETAAON - KA - DO - DHARI - "HATHIYAR"----" VOTE" ---? ? "

Image
भोले  - भाले दोस्तों , नमस्कार ! इस देश में हर वक्त कोई देश में कानून व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारन "रो" रहा है ,कोई विधायिका ठीक नहीं होने का रोना रो रहा है ,तो कोई प्रशासन व्यवस्था ठीक नहीं होने का ? कंही भ्रष्टाचार है तो कंही अत्याचार ? कोई आदर्शों का रोना रो रहा है तो कोई नियमों का ? सब बेबस नज़र आ रहे हैं !" सिविल सोसाइटी " और बाबा राम देव सर्कार की मार खाए चुप हुए और इज्जत बचाए बैठे हैं ? सर्कार उनकी भी जाँच करवा रही है ?कौन जनता का हितेषी है और कौन दुश्मन पता ही नहीं चल रहा ??देश की अस्मत तक को खतरा हो गया है ?? हर आदमी परेशां सा है | " नानक दुखिया सब संसार " लगता है जैसे भारी कलयूग आ गया है ? बस अब प्रलय आने वाली है ?? कुछ भी सूझता नहीं है | न हमें सरकार के मंत्रियों पर भरोसा है ?न हमें विपक्ष पर और न ही प्रशासन तथा मिडिया पर ? केवल न्यायव्यवस्था ही एक रौशनी की किरण दिखाई पड़ती है |वो भी धुंधली सी ? क्या सचमुच सारे रास्ते बंद हो गए हैं ?क्या ऐसा ही चलता रहेगा ? बुधिजन ,पंडित लोग किस मर्ज़ की दवा हैं ? भगवान श्री कृषण ने गीता में कहा है कि " …