Sunday, October 30, 2011

" सरकारी रिश्वत " बंद करने हेतु कौन सा "बिल और अन्ना " लाओगे ....??

सरकारी आनंद उठा रहे दोस्तों, मजेदार नमस्कार  !! पिछले कुछ समय से कई प्रकार के भ्रष्टाचार की चर्चा देश में चल रही है ...|" अन्ना मण्डली "और  जनता " जन - लोकपाल " चाहती है तो कांग्रेस और यु.पी.ए. " सरकारी या राहुल  वाला लोक - पाल" चाहती है | सभी मान रहे हैं की  रिश्वत दे कर भारत में कोई भी काम करवाया जा सकता है ?? सभी प्रकार की रिश्वत के बारे में चर्चा हो चुकी और सुझाव भी आ गए ...? लकिन " सरकारी - रिश्वत  " के बारे में कोई नहीं बोल रहा , न अन्ना मण्डली और न ही सरकारी मण्डली ...क्यों.... ?? ......कारण स्पष्ट है | कोई नहीं चाहता कि ये रिश्वत मिलनी बंद हो ...?? क्योंकि ये कितने प्रकार की हो सकती है अभी इस पर ही रिसर्च होनी बाकी है ......?? क्योंकि  रिश्वत के प्रयावाची " नियुक्ति, पदवी , सन्मान ,अलाटमेंट और नकद राशि " भी तो है ....?? एक मेडल  के  पीछे लोग क्या कुछ नहीं कर  गुज़रते ? ......कई बार तो मुझे लगता है की हम नाहक ही अपने आपको बुद्धिमान  समझने  लग जाते हैं ...??? वास्तव में हमें रोज़ ही  कोई न कोई मुर्ख बना  कर  अपना पेट भरता है ....???  और मज़े की बात ये  है कि कोई भी " भूखे - पेट " नहीं सोता  ...?? आ -- गया -- न -- मज़ा !! ........ बोलो ......जय....श्री....राम......!!!! क्योंकि....राम ...नाम....ही.....सत्य....है.......??????

Saturday, October 29, 2011

" मौन " - " अन्ना " जी का , और " बोल " " अन्यों " का .... क्या रंग लायेगा ..??

मौन चिकित्सा का सुख भोगने वाले सभी मित्रों को मेरा, प्यार भरा नमस्कार !! मित्रो पंजाबी में एक कहावत है कि " एक चुप्प - सौ सुख " जब चारों और से अन्ना मण्डली पर वार होने लगे तो परेशान हो कर अन्ना ने " मौन व्रत "को अपना हथियार बना लिया | कांग्रेस और उसके सहयोगी एन.जी.ओ.,पत्रकार , सरकारी अफसरों और अन्य पार्टियों के नेताओं द्वारा दागे गए प्रश्न रुपी मिसाइलों के उत्तर देते - देते जब अन्ना जी परेशान हो गए तो उन्होंने मौन रख लिया और उनकी मण्डली के सदस्य जवाब देने लगे | और जब वो भी परेशान हो गए तो कोर कमेटी के कुछ सदस्यों ने " कोर - कमेटी " को ही भंग कर देने का सुझाव दे डाला | अब कांग्रेस कह रही है कि हमें उनके अंदरूनी मसलों से कुछ नहीं लेना ...??? "  अन्दर तक उनका घर तो तोड़ आये , लेकिन मसलों से कुछ नहीं लेना | वाह री कांग्रेस  तेरी चतुराई ...?? लेकिन ये चतुराई किसी काम न आएगी ! जनता सब देख रही है ... कि सोनिया चुप क्यों है ...? द्विगविजय बोल क्यों रहे हैं ...? सलमान खुर्शीद जी मीठी गोली क्यों दे रहे हैं ?? कपिल और तिवाड़ी जी को सांप क्यों सूंघ गया ? मनमोहन - राहुल क्या योजना बना रहे हैं ?? सब पर आज चर्चा हो जाएगी | जनता भी २०१४ के चुनावों में अपना मत दे देगी | भगवान भली करेगा !! 

Saturday, October 22, 2011

" मार - दिया - जाय , - या - छोड़ - दिया - जाय " ..? ??

मर - मर के दीपावली मना रहे ,प्यारे दोस्तों, रौशनी और लक्ष्मी आने की संभावना से तथा प्यार भरा नमस्कार !!!घर की मरम्मत , रंग - रोगन ,नए  वस्त्र ,और सोना,बर्तन,व मिठाइयां खरीदने की मजबूरी में योजना बनाते दोस्तों ,मानो सरकार हमसे पूछ रही हो कि मार दिया जाय या छोड़ दिया जाय ?? इंसान " कर्नल  गद्दाफी" की तरह गिडगिडा रहा है कि माई - बाप छोड़ दिया जाय ,जान बक्श दी जाय , मैं ये अमीरों वाले कोई काम नहीं करूँगा ...? रूखी - सूखी रोटी खा कर ही दीपावली मना लूँगा ...? सोना तो मेरे बाप ने भी मेरी शादी के बाद आज तक नहीं ख़रीदा हजूर , तो मेरी क्या औकात सरकार ? स्टील के चम्मच खरीद कर धन तेरस मना लूँगा ? कपडे तो पिछली मार्च में ही  बनवाए थे हजूर !! मिठाई  और फल के भाव ही इतने ज्यादा हैं की आम आदमी इन के बारे में सोच कर टेंशन ही नहीं लेता ?? फिर मिठाई नकली और फलों पर पोलिश का खतरा सब्जी खरीद लाऊंगा होसला करके जनाब !! थोडा सा नकली दूध लेकर चीनी डाल कर बच्चों को पिला दूंगा और पटाखों से तो पर्यावरण दूषित हो  जाता है जी ?? सरसों का तेल खाने को नहीं मिलता तो दीपक कंहाँ से जलाएँगे ? मोम बत्ती से ही काम चला लेंगे २०१४ तक ??? क्योंकि इस सरकार के पास इतना समय ही बचा है ? बाद में तो हम देश वासी मिलकर कम बेईमानों की सरकार को ही चुनेंगे .....???? तो मेरा पडोसी बोला जो मेरे पास ही बैठा था , सही कह रहे हो यार जीना ही दुश्वार हो रहा है ? सरकार तो जनता,सरकारी अफसर, जज्जों ,एन.जी.ओ. और जनता को " धमका " रही है की हमारी सत्ता को मत चेलेंज करो २०१४ तक हमें अधिकार है तुम पर राज करने का ...???? और जनता सोच रही है " तो फिर उसके बाद " तेरा क्या होगा ......संप्रंग ...??? कर्नल गद्दाफी की तरह जनता पूछेगी कि...." मार दिया जाय , या छोड़ दिया जाय | बोल तेरे साथ क्या सलूक किया जाय ...??? बोलो जय -- श्री -- राम !!    

Wednesday, October 19, 2011

" खोजी - पत्रकारों."...! कुछ खोजो,......" अन्ना " सच्चा - या " सोनया "...??

खोजी प्रकृति के दोस्तों नमस्कार ! इंसान सदियों से सत्य की खोज करने की कोशिश और नाटक दोनों एक साथ कर  रहा है | कभी ये स्वयं मूर्ख बन जाता  है ,तो कभी दूसरों को मूर्ख बना लेता है ..!! हर कोई जोर शोर  से प्रचार करता है की वो अपना काम पूरी इमानदारी से कर रहा है | जनता एक दुसरे को अपनी बुध्धिनुसार तोलती है उसे जिस से उसे कोई काम होता है | स्वयं से सम्बंधित कार्य में इन्सान खुद निर्णय लेता है और ज्यादा लोगों से सम्बंधित कार्यों हेतु बहुमत से निर्णय लिया जाता है | यही प्रथा संसार  में हजारों सालों से चली आ रही है | पहले राजा लोग स्वयं रात को भेष बदल कर जनता के हाल - चाल की खोज निकालते थे , या फिर अपने विश्वासपात्र जासूसों से पता लगवाते थे | आज लोकतंत्र में प्रधान - मंत्री को तो समय ही नहीं होता रात को भेष  बदल कर जन - भावना जानने का , वो अपने मंत्रियों और ख़ुफ़िया एजेंसियों पर निर्भर रहते हैं | कई पत्रकारों पर भी उनकी " विशेष " कृपा रहती है , सो वो पत्रकार अपने आपको खोजी - पत्रकार कहते थे , और वो पी.एम्. को अपनी खोज के बारे में बताते थे और अपने मुंह से शेखियां भी बघारते रहते थे की मैं अमेरिका जा रहा हूँ .....आदि - आदि | मंत्री मंडल  के मंत्री अपने बारे में ही खोज करवाते रहते हैं ...???  कि उनका ग्राफ जनता की नज़र में कंहा पंहुचा ...?? खुफिया एजंसियां बहुत व्यस्त और आलसी दोनों हो गयी हैं ..? इसी लिए देश में क्या हो रहा है पी.एम्. को सबके बाद में पता चलता है .उनके मंत्री लाखों का माल सेंकडों में बेच देते हैं और सारी रकम गठबंधन पार्टियों के खजाने में पंहुचा दी जाती है ...??? तब भी उन्हें पता नहीं चलता ....जय हो !अब " अन्ना -मण्डली " और " सोनिया - मण्डली " में  से सच्चा कौन  है ???  इसका पता नहीं चल रहा " जनता " को , दोनों एक दुसरे  को चोर और झूठा बता रहे हैं ... दोनों के  नकली - असली सपोर्टर  भी भारी संख्या में हैं ..?? जनता बेचारी चेतना शून्य हुई पड़ी है ...??? उसे समझ में  नहीं आ रहा कि किसके साथ  जाए ...अन्नाजी के साथ ...या सोनिया जी कि मण्डली के साथ ..????? इस लिए सभी खोजी पत्रकारों से मेरी ये करबद्ध प्रार्थना है कि " सच " खोज के लाओ और जनता को  बताओ | ताकि पता चले कि अन्ना मण्डली किन व्यापारियों की कर्मचारी है और सोनिया मण्डली में कौन " अली बाबा " और कौन - कौन से ४० चोर हैं ...???? आलस्य त्यागो खोजी पत्रकारों जनता को सत्य  से अवगत करवाओ क्योंकि ये भी एक प्रकार की देश भक्ति  है ...??????? भगवान आपको शक्ति और सदबुध्धि दे ! राजीव शुक्ला और अरुण शोरी जी जैसा न बनाए ! बोलो --- भारत ---माता ---- की ---- जय !!!!!!!!!!!!

Sunday, October 16, 2011

' डोंट वर्री ',..विपक्ष " एक " नम्बरी - तो सरकार " दस " नम्बरी ???

सभी बिना नम्बरी दोस्तों को मेरा दस नम्बरी नमस्कार !! कई वर्ष पहले मनोज कुमार साहिब की एक फिलम आई थी " दस -  नम्बरी " मेरे ख्याल से ये पहली पिक्चर थी जिसमे हीरो दस नम्बरी था | और पुलिस वाला विलेन था , तथा हवालदार रिश्वत को हाथ नहीं लगाता था सीधा जेब में डलवाता था | उस चलचित्र का एक गीत बड़ा मशहूर हुआ था ..कि.." कहत कबीर सुनो भाई साधो , बात कंहूँ में खरी ....----कि दुनिया एक नम्बरी , तो मैं  दस नम्बरी || जब "येदी " जी को कारावास का दंड सुनाया गया ,तो मेरे मन ने  ये गीत गुनगुनाया ...तो मेरा दिमाग बोला :- कर गए न पक्षपात , अपनी पार्टी को सिर्फ एक नंबर और दूसरों को १००% चोरी में नंबर दे दिए ...? कम से कम ४ नंबर तो बनते ही  हैं ..? मन ने जानते  हुए भी दिमाग से पुछा ,कौन - कौन से .. तो दिमाग बोला ( पंजाब,मध्य-प्रदेश,कर्णाटक और उत्तरा-खंड ) हुए न ४ नंबर ?? मन बोला लेकिन सरकार तो १० नम्बरों की निस्संदेह रूप से हकदार है की नहीं ...? दिमाग बोला हाँ उस में हमारे मनमोहन टॉप पर हैं और रहेंगे ...? आखिर १० चोरों को जेल में तो उन्होंने ही डाला है ...?विपक्ष वाले ससुरे हैं ही ढीले ... ३० सालों में पूरी तरह से कांग्रेस से बेईमानी भी नहीं सीख पाए ....? फिर कैसे होगा देश का बंटा-ढार...???.कोई जनता में  " चेतना जगाता फिरता  है तो कोई मोन-व्रत रखता है ? कोई उपवास करता है तो कोई जय माता की ही करता रहता है ....?देश की चिंता किसी भी पार्टी के नेता को तो बिलकुल भी नहीं है ? इन ससुरे नेताओं , मंत्रियों ,मुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों के मंत्रियों तथा सारे अफसरों को नेहरु स्टेडियम में तब तक बंद करदिया जाए  , जब तक ये सभी मिलकर संतोष जनक सभी समस्याओं का कोई हल नहीं ढूंढ निकालते ...? क्योंकि कौन सी समस्या का क्या सही समाधान है ये ससुरे जानते तो हैं परन्तु लागू नहीं करते या करवाते ...? कोई अन्ना जैसा नाक में अंगुली डाल दे तो फटाफट " चिठ्ठी " भेज देते हैं ...? अपनी तनख्वाह और भत्ते  तो सर्व -सहमती से और महिला आरक्षण लटका देते हैं ...? अपनी मुर्गे वाली थाली सिर्फ ५०/-में और आम आदमी ३२ /- वाला अमीर हो जाता है | कल फेसबुक पर मेरा एक मित्र मुझे कह रहा था की इन नेताओं को मिनिमम वेजेस पर रख्खो ....फिर देखो कितनी जल्दी बदलाव होते हैं ...? बोलो जय ....श्री .....राम ....!!! 

Thursday, October 13, 2011

" चिठ्ठी "आई है ,आई है .."मनमोहन" की चिठ्ठी आई है....???

स्वर्गीय जगजीत सिंह जी के निधन से दुखी मित्रो , नमस्कार ! हमारे प्रिय प्रधान मंत्री जी ने आखिर "अन्ना मंत्रिमंडल " को "जन - लोकपाल  नहीं ,प्रभावी लोकपाल संशोधन लाने की चिठ्ठी लिख कर भेज ही दी ?? इनके डाकिये भी स्पेशल होते हैं जी बड़े लोग जो ठहरे ?? हमारी चिठ्ठी तो सुसरी ३० किलोमीटर का सफ़र भी ७ दिनों में तय करती है ( वैसे रिकार्ड तो और भी बड़ा है )इनकी चिठ्ठी तो देल्ही  से रालेगन सिटी १दिन में ही पंहुच जाती है ....?ग़ज़ल की दुनिया के बड़े सितारे को हम अपनी श्रधान्जली देने के पश्चात् हम आपको ये बतादें की अन्ना अगर कांग्रेसियों पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं तो ये गलत भी नहीं  है |क्योंकि कांग्रेस उन्हें एक हाथ से मार रही है तो दुसरे  से पलोस रही है तीसरे हाथ से मज़ाक उड़ा रही है तो चोथे हाथ से अपना मुंह दबा  कर डर को छुपा  भी  रही  है ...???  मुस्कुरा कर कल्लोल भी कर  रही है| आर .एस.एस. ने सिर्फ  चले  हुए आन्दोलन को सिर्फ इसलिए समर्थन दिया क्योंकि ये भ्रष्टाचार से सम्बंधित था ,ऐसा ही बी.जे.पी.ने  किया  तो कांग्रेसियों ने शोर मचा दिया कि  देखो - देखो ये तो आन्दोलन ही साम्प्रदायिक ताकतों का था ...?? क्या आज से पहले जितनी रैलियाँ,प्रदर्शन और आन्दोलन हुए किसी ने जांच की कि उसमे कौन - कौन शामिल हुआ था ...? अगर आज भी इस बात की जांच करवाई जाए तो सारी पार्टियाँ मुसीबत में पड़ जाएगी ...??इलेक्ट्रोनिक मिडिया वाले भी बहस दिखाते और करते वक्त एक  -दो वक्ता ऐसे बुला लेते हैं जो छिपे रूप से कांग्रेस का ही समर्थन करते हैं ...??किसके पीछे कौन है  या किसका हाथ  है,  ये देश की सुरक्षा एजेंसियों को हमेशा चेक करते  रहना चाहिए ..? मुझे एक बात समझ नहीं आती कि " राम मंदिर के ताले खुलवाए कांग्रेस ने , पूजा  शुरू करवाई कांग्रेस ने , मस्जिद तुडवाने में सहयोग किया कांग्रेस प्रधान - मंत्री ने , शिला पूजन राहुल गाँधी के सहयोग से हुआ, और तो और राम नवमी का अवकाश भी अपने मनमोहन सिंह जी ने घोषित किया ..??? क्या लाल्लू,क्या द्विगविजय जी , सब समय - समय पर तांत्रिकों के  आगे माथा निवाते आये हैं तो साम्प्रदायिक शक्तियां कौन हैं ??कांग्रेस  वाले या आर.एस.एस.,बी.जे.पी. वाले ...??? सच्चे मन से  नेताओं को राजनीती करनी चाहिए और सच्चे मन से ही हम सबको श्रधान्जली देनी चाहिए ....? बोलिए कृष्ण  कन्हैया  लाल  की  ......जय  !!आप कहेंगे की हमेशा तो राम जी की  जय  बुलाते हो , तो आज क्रिशन जी की जय क्यों ..?? वो इस लिए क्योंकि राजनीती के देवता वही हैं  और प्रेम के भी ...? तो जय श्री कृष्णा......!!   

Saturday, October 8, 2011

" चेतना " कंहा जगाई जाएगी ? कंहा जगानी चाहिए ??? ?

 चेतन अवस्था में रहने वाले दोस्तों , नमस्कार ! लो जी सर्व श्री बाबा रामदेव , अन्ना हजारे , लाल  कृषण और छोटे मुलायम जी सभी " चेतना ", क्रांति " और जागरूकता रथ लेकर चल पड़े हैं  या चलने वाले हैं | जब किसी  विधान - सभा या लोकसभा का किसी को उमीदवार बनाना होता है  तब तो ये प्रादेशिक और केंद्रीय नेता ,जाती,धरम,पैसा और इलाका देख  कर टिकट बांटते हैं ? कार्यकर्ताओं और जनता को कोई नहीं पूछता  ?? कार्यकर्ताओं से लिये गए  चंदे को इन नेताओं ने कंहा खर्च कर दिया, कोई  नहीं बताता ?? ऊपर से आर्डर कर  देते  हैं  की प्रदर्शन कर दो , धरना  दे दो,वगेरह - वगेरह ,परन्तु बज़ट कोई नहीं भेजते ?? प्रदेश और केंद्र में  बसें भर कर कार्यकर्त्ता भेज दो ---?? पर कैसे, कंहा से भेजे कोई ?? सफाई  ऊपर से करो  ...... नीचे वाले अपने आप सुधर  जायेंगे ??? साधारण  जीवन  ,  उच्च विचार , त्याग की भावना , और देश भक्ति किसी भी पार्टी के बड़े लीडर में दिखाई ही नहीं देती | अफसर , पत्रकार , वकील और पुलिस सब " सभी  - चोर - हैं " बोलकर चोरी कर रहे हैं  ?? अध्यापक  , कवि और जज कुछ ठीक हैं | सेना  को तो कोई पूछता ही नहीं कि  क्या हो रहा है ? कार्यकर्त्ता तो हमेशा अपने बड़े नेता का स्वागत करता है , तन - मन - धन लगा देता है | निश्ठापूर्वक पार्टी के पदाधिकारियों के आदेश मानता है ? २० से ३० साल  गुज़र जाते हैं तब समझ  में आता है कि हमें तो मूर्ख बनाया जा रहा था ?? कभी किसी चोर,ठग ,कमीने और चालबाज़ को पार्टी का अध्यक्ष बना दिया जाता है ,तो कभी किसी पार्टी से बगावत करने वाले गिरोह बाज़ को ???? शरीफ , इमानदार और सिधान्तवादी सारी उम्र तालियाँ बजाते और माला पहनाते ही मर जाते हैं ????? ये सभी पार्टियों कि अंदरूनी कहानी है और भारतीय जनता पार्टी इस रोग से बुरी  तरह से ग्रसित है ?? क्या नगर और देहात मंडल , क्या जिला ,प्रदेश और केंद्र सब जगह छीना - झपटी चलती दिख रही है ???? जो कार्यशैली और इच्छाशक्ति दिखनी चाहिए किसी नेता में वो किसी भी  नेता में दूर - दूर तक नज़र नहीं आती ?? थोड़ी सी अन्ना जी और मोदी जी में दिखाई पड़ती है तो बाकी नेता उन्हें आगे नहीं आने देते बल्कि उन्हें चेल्लेंज करते हैं कि हिम्मत है तो २०१४ के चुनाव लड़ लो ?? अरे एक बार वैसे ही कुछ समय के लिए सरकार चलने की पावर किसी   ऐसे आदमी को देदो ?? या सारे नेताओं के बोम्ब फिट करके  नेहरु स्टेडियम में अफसरों के साथ बिठा दिया जाए और कह दिया जाए की अब आपको तभी छोड़ा जायेगा जब आप देश हित के सभी सर्वेक्षण , जांच , संशोधन और निर्णय नहीं कर लेते ??? सभी प्रदेशिक नेता अफसर भी साथ में बिठाए जाएँ लागु करवाने हेतु  ??   तब तो कोई उम्मीद है की देश का भला हो जायेगा अन्यथा बहन मायावती के अनुसार " एक नागनाथ तो दूसरा सांप नाथ " में   से ही किसी एक को  चुनना होगा ??  जय - श्री -  राम -  बोलना पड़ेगा ...... जय श्री राम !!      

Tuesday, October 4, 2011

"देखना गुजरात में " भट्ट " की पत्नी बनेगी विधानसभा की कांग्रेसी उमीदवार ..!"

राजनीती में आने की चाह रखने वाले दोस्तों , मेरा नमस्कार स्वीकार करें !,आज ही  मैंने न्यूज चेनल पर गुजरात के पूर्व पुलिस अधिकारी  श्री संजीव  भट्ट की पत्नी को ये कहते सुना की मोदी जी ने  उस पुलिस  वाले को प्रमोशन का  वादा किया है , इसलिए वो हमारे  खिलाफ हुआ है ..... आदि आदि | उनके हाव-  भाव देख कर मैंने भी भविश्यवान्नी  करदी की ये महिला  हमारी नेता है , चाहे विधान सभा में जाय या लोकसभा में | कांग्रेस पार्टी ने पूरी तैयारी करली है | अब आप कहोगे की  तुम्हे  क्यों जलन हो  रही है ???  तो भाइयो ये कथा मैंने आपको इस लिए बताई है क्योंकि ये भी भ्रष्टाचार का ही दूसरा रूप है | करे चाहे कोई  लेकिन है  भ्रष्टाचार  और इसकी निंदा  भी होनी चाहिए  | आप कहोगे तो भाई अभी से  क्यों रो  रहा है ,?  तो वो इस लिए क्योंकि आज से पहले कई ऐसे महापुरुष और देवियाँ हैं जो  इस प्रकार के भ्रष्टाचार की कीमत के बदले कई राजनितिक पार्टियों का प्रचार कर चुके हैं | इसमें कई बड़े - बड़े नाम आ जाते हैं बेचारे ये पुलिस वाले और अफसर बेचारे किस खेत की मूली हैं ??? ये तो होते ही प्रिय सेवादार हैं ??  अगर जाट विधायक बन गया तो वंहा लगभग सारे जाट अफसर आ जाते हैं और दूसरा  विधायक बन गया तो दुसरे अफसर ...?  इसी तरह  से अदाकारों , कलाकारों और  बेचारों  को जनता के हित  के  लिए नेता साडी पार्टियों द्वारा बनाया जाता है ? अब  आप कहोगे की ये " बेचारे " कौन है ?  ये अपने एन.जी.ओ. और कौन ? ये सारी उम्र  दूसरों की मदद  जो करते हैं , तो राजनितिक दलों का भी फ़र्ज़ बनता है की नहीं भाई ??? अब ये दूसरी बात  है की ये  लोग समस्या उठा तो सकते हैं लेकिन हल  निकालने हेतु  सत्ता नहीं संभाल  सकते ?? हर राह है .... काँटों भरी ..... चलना भी है .... और संभलना भी | जय श्री राम !!बोलना पड़ेगा भाई सबको .........????? जय श्री --- राम ! 

Saturday, October 1, 2011

भारत के - " लाल बहादुरशास्त्री और करम चाँद गाँधी जी " -- " happy birth - day "

देशभक्त,निष्ठावान,और स्वदेशी दोस्तों,जोशीला जय -हिंद! आज भारत के उन महान दो सपूतों का जनम दिन है जिन्हों ने देश के लिए सिध्धांतो की  आधार शिला रखी ! " फिफ्थ पिल्लर करप्शन किल्लर " की स्थापना में इन दो महा पुरषों  का बहुत बड़ा हाथ है ?? वो ऐसे की जब इनके कार्यों से देश आज़ाद हो चुका था,  पंडित नेहरु प्रधान मंत्री बन चुके थे , तब  मैं अपनी माता के गर्भ में था ... यानि महा भारत के अभिमन्यु की तरह वो सब संस्कार मेरे दिमाग में भी  घर  कर गए जो मेरी माता ने मेरे पिता जी के श्री मुख से इन महा पुरषों के बारे में सुने ! ऐसा ही उस समय के सभी  महानुभावों के साथ भी हुआ होगा जो मेरी उम्र के हैं , ऐसा मेरा मानना है ! इसीलिए मेरी उम्र के ज्यादातर लोगो में देश भक्ति की भावना जीवित है !! जन्हा महात्मा गांधी जी ने हमें शान्ति के साथ रहना सिखाया  समाज में मिलजुल कर रहना बताया , वन्ही श्री लाल बहादुर  शास्त्री जो  देश के दुसरे प्रधान मंत्री थे ने " जय जवान - जय किसान  " का नारा देकर सब का पेट भरने और  विदेशी दुश्मनों को नाकों चने  चबाने का  सबक सिखाया ....??? मगर आज हम इतने स्वार्थी हो गए हैं की देश का या देश वासियों का भला  तो दूर अपने सगे सम्बन्धियों को भी  धोखा देने से बाज़ नहीं  आते ...???? सारे  रिश्तों को हम पैसे से तोलने लग गए ????  " न बीवी न बच्चा , ना  बाप बड़ा न मैया , ...  द होल थिंग इज देट  के भैया.., सबसे बड़ा  रुपईया....???? " ये गीत आज की व्यवस्था पर बिलकुल सटीक बैठता है ?? अन्ना जी , मोदी जी और बाबा राम  देव  जी ने आज देश को फिर  एक  नई दिशा  दी  है, जिसे  देशवासियों  ने पसंद  किया  है ! अब  देखना  है की देश किस  तरफ  जाता है ....!! चोर ज्यादा हैं और शरीफ कम .....! " ये लड़ाई है दिए की और तूफ़ान की ..." वन्दे --- मातरम् !!     

आखिर अंबेडकर को पीएम के तौर पर देखने की बात कभी किसी ने क्यों नहीं की ? -साभार :- श्री मान पुण्य प्रसुन्न वाजपेयी जी !

नेहरु की जगह सरदार पटेल पीएम होते तो देश के हालात कुछ और होते । ये सवाल नेहरु या कांग्रेस से नाराज हर नेता या राजनीतिक दल हमेशा उठाते रहे ...